
इंदौर। नर्मदा नदी में मंगलवार सुबह मोरटक्का के पास कटार गांव के घाट पर पत्थरों के बीच एक महिला का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कृष्णबाग कॉलोनी से लापता हुई 35 वर्षीय प्रियंका चौरसिया के रूप में की गई।
बताया गया कि सोमवार को नर्मदा का जलस्तर अधिक होने के कारण घाट के आसपास कुछ स्पष्ट नहीं दिख रहा था। रात में ओंकारेश्वर डैम से पानी रोके जाने के बाद मंगलवार सुबह जलस्तर कम हुआ, तब ग्रामीणों को घाट पर पत्थरों के बीच फंसा शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने मोरटक्का चौकी प्रभारी को सूचना दी।
कृष्णबाग क्षेत्र निवासी सब्जी विक्रेता सुंदरलाल चौरसिया की पत्नी प्रियंका 11 दिसंबर को अपने चार बच्चों 6 वर्षीय आर्यन, 5 वर्षीय प्रियांश, ढाई वर्षीय हिमांशी और 6 माह के चीकू के साथ घर से लापता हो गई थी। आर्यन और हिमांशी मोरटक्का क्षेत्र में सकुशल मिल गए थे, जबकि सोमवार को 6 माह के चीकू का शव नर्मदा में मिला था। इसके बाद से प्रियंका और प्रियांश की तलाश जारी थी। मंगलवार रात अंधेरा और बढ़ा हुआ जलस्तर होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। अब प्रियंका का शव मिलने से आशंका सच में बदल गई है। हालांकि, 5 वर्षीय प्रियांश अब भी लापता है, जिसकी तलाश के लिए गोताखोरों की मदद से नर्मदा में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा।
मामले को लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर किसी साजिश के तहत महिला और बच्चों को मोरटक्का पुल से नदी में धकेला गया। प्रियंका के शव की बरामदगी के बाद सवाल और गहरे हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रियांश के मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठ पाएगा।
महिला के साथ गए चार में से दो बच्चों को पुलिस ने ढूंढ लिया था, जबकि एक बच्चे का शव सबसे पहले नदी में मिला। पुलिस ने गूगल मैप की मदद से दो बच्चों को सुरक्षित उनके पिता तक पहुंचाया। मोरटक्का पुलिस चौकी के अनुसार महिला 11 दिसंबर से खजराना थाना क्षेत्र के रामकृष्णबाग कालोनी में रहने वाली प्रियंका पति सुंदर दास चौरसिया (35) तीन दिन पहले बिना बताए कहीं चली गई थी। महिला मजदूरी करती थी। लापता होने के बाद परिजनों ने उसे काफी ढूंढा, जब उसका कोई पता नहीं चला तो गुमशुदगी दर्ज कराई।
गूगल सर्च से ढूंढा ठिकाना
रविवार को महिला अपने चार बच्चों के साथ मोरटक्का स्थित होटल में भोजन करते हुए दिखाई दी थी। इसके बाद वह नर्मदा पुल के आसपास नजर आई। कुछ समय बाद दो छोटे बच्चे पुल के पास लावारिस हालत में मिले, जिनकी सूचना मिलने पर मोरटक्का पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें चौकी ले आई। डेढ़ साल की बच्ची और छह वर्षीय बालक की उम्र कम होने के कारण परिजनों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
इस दौरान कांस्टेबल चेतनसिंह चौहान ने बच्चे से बातचीत कर उसके पुराने स्कूल का नाम जाना। स्कूल को गूगल पर सर्च कर फोटो दिखाया गया, जिसे बच्चे ने पहचान लिया। इसके बाद गूगल मैप के जरिए आसपास की गलियों, दुकानों और दवाखानों की तस्वीरें दिखाकर बच्चे से पुष्टि कराई गई। खजराना क्षेत्र के दवाखाने के बोर्ड पर लिखे डॉक्टर के मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया, जिन्होंने बच्चों के पिता से पुलिस की बात करवाई। इसके बाद बच्चों के पिता मोरटक्का पहुंचे और दोनों बच्चों की सुपुर्दगी ली।
महिला मानसिक रूप से बीमार
बच्चों के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार थी और बिना बताए बच्चों को लेकर घर से निकल गई थी। महिला का शव मिलने के बाद एक बच्चा अब भी लापता है। सोमवार को मोरटक्का क्षेत्र में नर्मदा नदी से एक बच्चे का शव बरामद हुआ था। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि महिला दो बच्चों के साथ नदी में कूदी होगी। पुलिस लापता बच्चे की तलाश में सर्च अभियान चला रही है। मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। महिला की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। उधर, मोरटक्का पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई के लिए खजराना पुलिस को केस फारवर्ड कर दिया है।