
भोपाल। भारतीय सेना की वरिष्ठ महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह लगातार आलोचनाओं के घेरे में हैं। शुक्रवार शाम मंत्री विजय शाह ने एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनके शब्द आवेश और देशभक्ति की उत्तेजना में निकल गए थे, जिनका आशय किसी का अपमान करना नहीं था।
मंत्री ने कहा कि अपमान करना मकसद नहीं
मीडिया से बातचीत में शाह ने कहा कि उनका उद्देश्य न किसी महिला अधिकारी का अपमान करना था, न ही भारतीय सेना या किसी समाज वर्ग को ठेस पहुंचाना। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके शब्द भावनाओं के अनुरूप नहीं थे और इससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो गया। शाह ने कहा कि यह पूरा प्रकरण उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक रहा और उन्होंने इससे गहरा आत्ममंथन किया है।
ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना के प्रति उनके मन में हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा कितनी आवश्यक है, यह उन्हें इस घटना से समझ आया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में वाणी पर पूर्ण संयम रखा जाएगा और ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। अंत में उन्होंने सेना सहित सभी आहत नागरिकों से बिना शर्त क्षमा याचना की।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार को जवाब देना
मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में प्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिन के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम का भी रहा है।