
भोपाल। इंदौर में हुए दूषित जल कांड से मौतों के बाद प्रदेश सरकार पानी की गुणवत्ता को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में जल परीक्षण के लिए 10 हजार ‘महिला अमृत मित्रों’ की तैनाती की जाएगी। नगरीय प्रशासन आयुक्त एवं मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संकेत भोंडवे ने नगरीय निकायों की जल प्रदाय एवं सीवरेज योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश निर्देश।
उन्होंने काम में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। भोंडवे ने कहा कि जल प्रदाय की लाइन किसी भी स्थिति में सीवरेज लाइन से न मिले, जिससे पेयजल की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने जल परीक्षण के लिए एमपीयूडीसी के माध्यम से 10 हजार ‘महिला अमृत मित्र’ तैनात करने के भी निर्देश दिए। यह अमृत मित्र जल स्वच्छता की जांच करेंगी।
सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए
उन्होंने कहा कि एमपीयूडीसी की सभी परियोजनाओं की समीक्षा अब हर माह की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। उन्होंने पूर्ण हो चुकी 35 नगरीय निकायों एवं प्रगतिरत 52 नगरीय निकायों की जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की। एकीकृत विकास परियोजना बुधनी के ठेकेदार वाज इंडिया को टर्मिनेट करने एवं ब्लैक लिस्ट करने, पसान के मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर कात्यानी, शहडोल सीवरेज में मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर ईफिल तथा सांची सीवरेज परियोजना के ठेकेदार 3 आरएम को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
