
भोपाल। नए साल के जश्न में मध्यप्रदेश ने शराब की खपत ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। इंदौर के शौकीनों ने न्यू ईयर के जश्न में लगभग 11 करोड़ रुपए की शराब गटक ली। जबकि आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में करीब 85 करोड़ रुपए की शराब की बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 15 करोड़ रुपए ज्यादा है। जब बिक्री लगभग 70 करोड़ रुपये की थी।
शराब पीने के मामले में इंदौर ने बाजी मारी और नंबर वन रहा। यहां करीब 11 करोड़ रुपए की शराब बिक्री हुई। संस्कारधानी जबलपुर में लगभग 7 करोड़, जबकि ग्वालियर में करीब 4 करोड़ रुपये की शराब की खपत दर्ज की गई। पार्टियां, पब्स, बार और घरेलू जश्न में लोग जमकर ठरकते नजर आए। विदेशी शराब से लेकर देसी ठर्रा और बीयर तक, हर तरह की बोतलें खाली हुई। शहरों में पार्टियों, पब्स, बार और घरों में लोगों ने जमकर जश्न मनाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में शराब की मांग हमेशा बढ़ जाती है, और इस बार मौसम भी अनुकूल रहा। हालांकि, आबकारी विभाग ने जश्न के दौरान सख्ती भी बरती ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अब सवाल यह है कि क्या यह बढ़ती खपत प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी है या स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय।
शराब की खपत बढ़ना आम बात
विदेशी शराब, देसी ठर्रा और बीयर हर तरह की शराब की मांग देखने को मिली। जानकारों का कहना है कि त्योहारों और उत्सव के मौसम में शराब की खपत बढ़ना आम बात है, साथ ही इस बार मौसम भी जश्न के अनुकूल रहा। वहीं, प्रशासन और आबकारी विभाग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती भी बरती। अब यह बहस तेज हो गई है कि शराब की यह बढ़ती खपत प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए राहत है या फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय।
