
इंदौर। पुलिस कमिश्नर ने बीते साल के अपराधों को लेकर मीडिया से चर्चा की। उन्होंने गंभीर अपराधों और स्मार्ट पुलिसिंग को लेकर अपनी बात रखी। बताया गया कि शहर में जल्द ही पांच थानों में बल बढ़ाया जाएगा। तीन नए थानों को भी अनुमति मिलेगी।
पलासिया पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने साल भर के अपराधों के आंकड़ों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने सोशल पुलिसिंग पर ज्यादा ध्यान देने की बात भी कही। उनका कहना था कि ट्रैफिक को लेकर जल्द ही शहर में बड़े प्लान लाए जाएंगे, लेकिन इसके पहले जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जो काफी बड़े स्तर पर होगा। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न संस्थाओं की मदद से इंदौर पुलिस द्वारा शहर में 1100 हेलमेट का वितरण किया जा चुका है।
बल की कमी को लेकर समीक्षा
पुलिस कमिश्नर ने शहर में बढ़ रहे अपराधों और थानों में बल की कमी को लेकर भी समीक्षा की। इसमें उन्होंने तिलक नगर, द्वारकापुरी सहित करीब 5 थानों में बल की कमी होने की बात कही और यहां जल्द ही बल बढ़ाने की बात कही। उन्होंने चंदन नगर, लसूडिया और बाणगंगा में तीन नए थाने शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही शासन से अनुमति मिलने वाली है, जो पहले से स्वीकृत है।
अपराधिक मामलों में कमी का दावा
उन्होंने बताया कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई, लगातार पेट्रोलिंग, आमजनों से सीधा संपर्क, थानों में लगातार सुनवाई का प्रतिफल रहा कि वर्ष 2025 में कई अपराधिक मामलों में कमी आई। हत्या जैसे गंभीर अपराधों में अवश्य बढ़ोतरी हुई, लेकिन नासूर बन रही झपटमारी की घटनाओं में कमी आई। इससे पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में लूट के 233, वर्ष 2024 में 112, वर्ष 2025 में 53 केस, चेन स्नेचिंग में वर्ष 2023 में 51, वर्ष 2024 में 42, वर्ष 2025 में 7, झपटमारी में वर्ष 2023 में 0, वर्ष 2024 में 43, वर्ष 2025 में 67, गृह भेदन में वर्ष 2023 में 715, वर्ष 2024 में 418, वर्ष 2025 में 413, सामान्य चोरी में वर्ष 2023 में 786, वर्ष 2024 में 494, वर्ष 2025 में 407 (10 प्रतिशत की कमी), वाहन चोरी वर्ष 2023 में 3477, वर्ष 2024 में 3035 तथा वर्ष 2025 में 3056, हत्या का प्रयास वर्ष 2023 में 157, वर्ष 2024 में 181, वर्ष 2025 में 153 केस दर्ज हुए। इस तरह प्राणघातक हमले के केस में 15 प्रतिशत कमी आई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
नाबालिगों को ढूंढ निकाला
पुलिस ने वर्ष 2023 में 784, वर्ष 2024 में 787, वर्ष 2025 में 1185 नाबालिगों को ढूंढ निकाला। गुमशुदगी में 82 प्रतिशत रिकवर किए गए हैं। हत्या के वर्ष 2023 में 51, वर्ष 2024 में 62, वर्ष 2025 में 65, छेड़छाड़ में वर्ष 2023 में 465, वर्ष 2024 में 386, वर्ष 2025 में 434, दहेज हत्या के वर्ष 2023 में 20, वर्ष 2024 में 14, वर्ष 2025 में 16, दहेज प्रताड़ना के वर्ष 2023 में 479, वर्ष 2024 में 474 तथा वर्ष 2025 में 507 केस दर्ज किए गए।