
इंदौर। वार्ड-58 से कांग्रेस पार्षद रहे अनवर कादरी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। उन पर लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का आरोप है। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामलों में भी उन्हें आरोपी पाया गया। जिला कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद कादरी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे 4 फरवरी को मंजूर कर लिया गया।
जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार की है। यह मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है। जून 2025 में एक युवती ने साहिल शेख और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। युवती का आरोप था कि साहिल ने प्रेम जाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण किया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। बुर्का पहनने के लिए भी मजबूर किया गया। जांच के दौरान साहिल शेख ने बयान दिया कि इस तरह के मामलों के लिए अनवर कादरी के जरिए दो लाख रुपए की फंडिंग की जाती थी। इसके बाद पुलिस ने कादरी को मुख्य आरोपी बनाते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। केस दर्ज होने के बाद अनवर कादरी फरार हो गया था। लंबे समय बाद उसने कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद से वह जेल में बंद था।
कादरी पर दर्ज मामलों का रिकॉर्ड
अनवर कादरी पर एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें डकैती सहित कई गंभीर अपराध शामिल हैं। डकैती के मामलों के चलते ही उसकी पहचान ‘अनवर डकैत’ के नाम से बनी। लव जिहाद केस सामने आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभाग आयुक्त को पत्र लिखकर कादरी की पार्षदी समाप्त करने की सिफारिश की थी। इसके बाद निगम परिषद में प्रस्ताव पास कर उसकी पार्षदी खत्म की गई। संभागायुक्त डॉ सुदाम पी खाड़े ने भी कादरी को पार्षद पद से हटाते हुए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।
जिला कोर्ट ने जमानत नहीं दी
अनवर कादरी ने पहले जिला कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे 10 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया गया था। कादरी का तर्क था कि सह-आरोपी साहिल और अन्य को हाईकोर्ट व जिला कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए उसे भी राहत दी जाए। इस पर जिला कोर्ट ने कहा था कि कादरी पर फंडिंग के आरोप हैं, वह मुख्य आरोपी है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। जबकि, हाईकोर्ट में भी कादरी ने यही दलील दी कि सभी सह-आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इन्हीं आधार पर हाईकोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर की है।
गंभीर धाराओं में प्रकरण
अनवर कादरी के खिलाफ विभिन्न धाराएं जैसे- धारा-323, 506, 392, 324, 25 आर्म्स एक्ट, 302, 307, 452, 341, 427, 64, 64(2)(एम), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित कई अन्य आपराधिक धाराओं में गंभीर प्रकरण पंजीबद्ध हैं। इन धाराओं के अलावा भी पार्षद अनवर कादरी पर अनेक धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। पार्षद अनवर कादरी पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला जून 2025 का है, जब एक वीडियो सामने आया था, जिसमें दो युवकों ने हैरान करने वाला खुलासा किया था। उनका कहना था कि कादरी ने उन्हें पैसे दिए थे ताकि वे हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसा कर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति की ओर धकेलें।
तीन महीने फरार रहा
वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया था। पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर लिया था। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में कुछ माह पहले दो युवकों पर दो युवतियों के साथ रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आए वीडियो में दोनों आरोपियों ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का नाम लिया। जिस पर उन्हें लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने और निकाह के लिए पैसों का लालच देने का आरोप है।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। कादरी तब फरार हो गया थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए इंदौर, दिल्ली समेत कई शहरों में दबिश दी। उनकी गिरफ्तारी पर 40 हजार रुपए का इनाम रखा था। इसी दौरान उनकी बेटी आयशा को भी गिरफ्तार किया गया। उस पर पिता को छिपाने में मदद करने का आरोप लगा था। तीन महीने फरार रहने के बाद 29 अगस्त को कादरी ने जिला अदालत में सरेंडर किया था।