
इंदौर। फर्स्ट ईयर में पढ़ रहे एमजीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। उसके पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। उसके साथी ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में रहता था।
बहाना करके कॉलेज नहीं गया और फांसी लगा ली
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कमरे को सील कर दिया। 2025 बैच का छात्र था। घटना बीआर अंबेडकर हॉस्टल के बी-ब्लॉक की चौथी मंजिल पर स्थित कमरे नंबर 43 की है। ग्वालियर का रहने वाला 25 साल का अंतरिक्ष अग्रवाल एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का छात्र था। वह सोमवार को कॉलेज भी नहीं गया, दिनभर अपने रूम में ही था। अंतरिक्ष हॉस्टल के बी. ब्लॉक में 43 नंबर के कमरे में हर्ष कौशिक के साथ रहता था। दोनों साथ ही कॉलेज जाते थे, लेकिन सुबह अंतरिक्ष ने कहा कि उसका कॉलेज आने का मन नहीं है। हर्ष जब शाम को कॉलेज से लौटा तो, अंतरिक्ष ने दरवाजा नहीं खोला। हर्ष ने उसे कॉल किया, लेकिन फोन भी उसने नहीं उठाया। इसके बाद हर्ष ने दोस्तों की मदद से दरवाजा खोला तो देखा कि अंतरिक्ष फंदे पर लटका हुआ था। दोस्तों ने पुलिस को सूचना दी।
कमरे को सील किया गया
इस घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हो गए। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घनघोरिया, एमवायएच के अधीक्षक डॉ अशोक यादव सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और प्रोफेसर मौके पर पहुंचे। हॉस्टल प्रशासन ने छात्र के कमरे को सील कर दिया है। एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर जांच के बाद ही आत्महत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
सुसाइड नोट भी नहीं मिला
पुलिस ने अंतरिक्ष के रूम की छानबीन की, लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने उसका मोबाइल जांच के लिए जब्त किया, ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से पहले उसने किससे संपर्क किया था। आत्महत्या के बाद कॉलेज के डीन डॉ अरविंद घनघोरिया भी हॉस्टल गए थे। आत्महत्या की सूचना के बाद अंतरिक्ष के परिजन भी ग्वालियर से इंदौर पहुंच गए।
