
नई दिल्ली। विदेश यात्रा करने वालों के लिए सरकार ने बैगेज से जुड़े नए नियमों का एलान किया। नए बैगेज नियम-2026 के तहत भारत में ड्यूटी-फ्री इम्पोर्टेड सामान की लिमिट ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दी गई। इस दौरान विदेशी टूरिस्ट्स के लिए भी सरकार ने ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ाई है। वे अब भारत आने पर ₹25,000 तक का सामान ड्यूटी-फ्री ला सकेंगे। बजट के नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे।
सरकार ने यात्रियों को राहत देते हुए ड्यूटी-फ्री आयात से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया। नए बैगेज नियम-2026 के तहत भारत में ड्यूटी-फ्री इम्पोर्टेड सामान की लिमिट ₹25,000 बढ़ा दी गई। इसके तहत अब यात्री 75,000 रुपए तक का सामान बिना ड्यूटी के ला सकेंगे। इस दौरान विदेशी टूरिस्ट्स के लिए भी सरकार ने ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ाई है। वे अब भूमि मार्ग के अलावा दूसरे रास्तों से भारत आने पर 25,000 रुपए तक का सामान ड्यूटी-फ्री ला सकेंगे। पहले यह लिमिट 15,000 रुपए थी।
इन पर ड्यूटी-फ्री लागू नहीं
– फायरआर्म्स और 50 से ज्यादा कारतूस।
– 100 से ज्यादा सिगरेट या 25 से ज्यादा सिगार।
– 125 ग्राम से ज्यादा तंबाकू।
– 2 लीटर से ज्यादा शराब।
– ज्वैलरी के अलावा किसी भी रूप में सोना-चांदी।
– टेलीविजन।
पर्सनल इंपोर्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कमी
यात्रियों और आम उपभोक्ताओं को एक और बड़ी राहत देते हुए यूनियन बजट 2026-27 में पर्सनल इस्तेमाल के लिए आयात किए जाने वाले सामान पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसका मकसद पर्सनल आयात पर कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को सरल और बेहतर बनाना है। इस फैसले से विदेश से मंगाए जाने वाले स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दूसरे पर्सनल यूज आइटम्स सस्ते हो जाएंगे. अमेरिका जैसे देशों से आने वाले नए इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर इसका सीधा फायदा दिखेगा, जहां आमतौर नए मॉडल्स पहले लॉन्च हो जाते हैं।
कैंसर और खतरनाक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को राहत
बजट में हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर भी बड़ी घोषणा की गई। सरकार ने बजट में 17 कैंसर की दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इससे कैंसर मरीजों को राहत मिलेगी। इसके अलावा 7 और दुर्लभ बीमारियों को उन कैटेगोरीज में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें इलाज के लिए आयात की जाने वाली दवाओं और खास मेडिकल फूड पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार के मुताबिक, इन कदमों से सीधे तौर पर घरेलू खर्च कम होगा और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
पर्यटन को भी सहारा
यह बदलाव यात्रियों और खुदरा विक्रेताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी पूरा करता है। 2026 में पर्यटन क्षेत्र में 7% की सालाना वृद्धि का अनुमान है। ऐसे नियम यात्रा को और अधिक आकर्षक बनाएंगे। कुल मिलाकर, संशोधित ड्यूटी-फ्री ढांचे से भारत की यात्रियों के लिए अपील बढ़ने की उम्मीद है, जो उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास को गति देगा।