
इंदौर। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शहर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ एके द्विवेदी को शिलांग (मेघालय) स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान (एनईआईएएच) की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सलाहकार समिति में बतौर सदस्य (होम्योपैथी विशेषज्ञ) नामित किया है। चिकित्सा एवं आयुष क्षेत्र में इंदौर का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ।
तीन साल के लिए सदस्य नामित
आयुष मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में डॉ द्विवेदी को अगले तीन वर्षों के लिए समिति का सदस्य मनोनीत किया गया। उल्लेखनीय है कि यह संस्थान भारत सरकार के अधीन पूर्वोत्तर भारत का एकमात्र स्वायत्त आयुष संस्थान है। यहां एक ही परिसर में आयुर्वेद और होम्योपैथी की उच्च शिक्षा, शोध गतिविधियाँ तथा चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध हैं।
शोध कार्यों को नई दिशा देने का लक्ष्य
इस अवसर पर डॉ एके द्विवेदी ने कहा कि पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति का सदस्य चुना जाना मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी का विषय है। पूर्वोत्तर भारत औषधीय संभावनाओं से समृद्ध क्षेत्र है। मेरा प्रयास रहेगा कि अपने अनुभवों के माध्यम से वहाँ शोध कार्यों को नई दिशा दे सकूँ और होम्योपैथी एवं आयुर्वेद के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान कर सकूं।
जटिल बीमारियों के उपचार में विशेषज्ञता
गौरतलब है कि डॉ एके द्विवेदी वर्ष 2015 से केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच), आयुष मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं। अप्लास्टिक एनीमिया एवं हीमैटोहाइड्रोसिस जैसी दुर्लभ एवं जटिल बीमारियों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता के कारण देशभर से मरीज उपचार के लिए इंदौर आते हैं।