
बिजनौर (उत्तर प्रदेश) जिले के नंदपुर गांव से एक ऐसी खबर आई, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां एक प्राचीन मंदिर में एक कुत्ता चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दावा किया जा रहा है कि इस कुत्ते ने लगातार 5 दिनों (120 घंटे) तक भूखे-प्यासे रहकर हनुमान जी और मां दुर्गा की परिक्रमा की। अब इस कुत्ते को ‘चमत्कारी’ मानकर लोग दूर-दूर से इसकी पूजा करने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह कुत्ता पिछले पांच दिनों से मंदिर परिसर में बिना कुछ खाए-पिए लगातार मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा। थकान और कमजोरी के कारण जब कुत्ता निढाल होकर गिर गया, तो मंदिर कमेटी ने उसे सम्मानपूर्वक गद्दे पर लिटाकर रजाई ओढ़ा दी। देखते ही देखते यह बात पूरे इलाके में फैल गई और मंदिर में मेले जैसा माहौल बन गया।
हैरानी की बात यह है कि मंदिर में उमड़ा जनसैलाब अब भगवान के साथ-साथ इस कुत्ते की भी पूजा कर रहा है। श्रद्धालु कुत्ते के आगे मत्था टेक रहे हैं, प्रसाद चढ़ा रहे हैं और चढ़ावे के रूप में रुपये-पैसे भी दे रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस कुत्ते पर कोई दैवीय कृपा है, इसलिए वे इससे मन्नतें भी मांग रहे हैं। मंदिर के बाहर खिलौने और प्रसाद की दुकानें भी सज गई हैं।
लगातार भूखे रहने के कारण कुत्ते की हालत काफी नाजुक हो गई। उसने दूध और रोटी खाने से भी इनकार कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पशु चिकित्सकों को बुलाया गया। डॉक्टर ने बताया कि कुत्ते ने कई दिनों से कुछ नहीं खाया, जिससे उसके शरीर में पानी और मिनरल्स की भारी कमी हो गई। उसकी जान बचाने के लिए उसे ग्लूकोज, मल्टी-विटामिन की ड्रिप और फ्रूट थेरेपी दी जा रही है, ताकि जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति हो सके। फिलहाल, मंदिर में आस्था और अंधविश्वास के बीच की लकीर धुंधली पड़ती दिखाई दे रही है। विज्ञान जहां इसे कुत्ते की शारीरिक स्थिति और बीमारी से जोड़कर देख रहा है, वहीं भक्तों की भीड़ इसे साक्षात चमत्कार मान रही है।
