
इंदौर। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में दिनेश प्रजापत ने अपने तीन काम न होने पर कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया था। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। उनके इस हंगामे ने इतना असर दिखाया कि खुद मुख्यमंत्री ने दिनेश प्रजापत के तीनों काम कराए जाने की जानकारी दी।
इस परेशान आवेदक के सभी काम मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद संज्ञान लेते हुए करा दिए। दिनेश प्रजापत का जो वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे अपनी मां के साथ कलेक्टर ऑफिस में मौजूद नजर आ रहे थे। वे नाराज होकर चिल्लाते दिख रहे थे कि तुम काहे के कलेक्टर हो, जब काम नहीं करा सकते। वायरल वीडियो में गुस्साए दिनेश ने ये भी बताया था कि उनकी मां आंखों से देख नहीं सकती। फिर भी उन लोगों को बार-बार चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
पेंशन, इलाज, एसआईआर काम
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया ‘इंदौर में हुए इस प्रकरण को संज्ञान लेते हुए दिनेश प्रजापत और उनकी माता रामप्यारी बाई की समस्या का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया गया। परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल केवायसी कर पेंशन प्रक्रिया शुरू कराई गई और अरविंदो अस्पताल में उपचार की व्यवस्था की गई। परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही बीएलओ की तरफ से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है।’
मां का इलाज शुरू हुआ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जिसमें दिनेश प्रजापत खुद कहते दिख रहे हैं कि मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हैं। वे मेरी माता का पूरा इलाज करवा रहे हैं। साथ ही, साल भर से जो पेंशन रुकी हुई थी वो भी मेरी मां को दिलवा दी है। मेरी मां की पेंशन भी चालू हो गई।
लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा कि जनता की जागरूकता और सोशल मीडिया की ताकत बहुत असर डालती है। अगर जनहित की समस्याओं को सही तरह से उजागर किया जाए तो प्रशासन अवश्य सक्रिय होगा। एक अन्य यूजर ने कॉमेंट किया कि असली नेता वही है जो जरूरत पड़ने पर काम आए। बाकी नेताओं को भी आपसे सीखना चाहिए।
