
इंदौर। ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया। शिलांग पुलिस ने इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को क्लीनचिट देकर उनके नाम चार्जशीट से हटा दिए। ये आरोपी हैं बलवीर अहिरवार (गार्ड) और लोकेंद्र सिंह तोमर (बिल्डिंग मालिक), जिन्हें पहले साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनके नाम इसलिए जुड़े कि हत्या के बाद सोनम रघुवंशी भागकर इंदौर आकर दस दिन इसी बिल्डिंग में रुकी थी। लेकिन, ब्रोकर शिलोम जेम्स को बरी नहीं किया गया।
शिलांग पुलिस की जांच में न तो इन आरोपियों के खिलाफ हत्या से जुड़े कोई ठोस प्रमाण मिले और न ही साक्ष्य नष्ट करने के आरोपों की पुष्टि हो सकी। इससे मामले में शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे थे। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच में उनकी संलिप्तता न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।
गिरफ्तारी के बाद बरी किया
शिलांग पुलिस ने शुरुआत में बलवीर और लोकेंद्र को साक्ष्य छुपाने के शक में गिरफ्तार किया था। क्योंकि, राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मृतक की पत्नी सोनम ने लोकेंद्र की हीरा नगर स्थित बिल्डिंग में ठहरने के लिए कमरे किराए पर लिए थे। ब्रोकर शिलोम जेम्स ने सोनम को छिपने के लिए यह रूम दिलवाया था। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने इन दोनों की संलिप्तता से इनकार किया। बताया गया कि इन दोनों को हत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और इन्होंने कोई साक्ष्य छुपाए।
पुलिस अधीक्षक ने यह कहा
ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि शुरुआत में उपलब्ध परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, बाद की जांच और सत्यापन में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। अब पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और तीन आरोपियों में से केवल शिलोम जेम्स के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है। बाकी सभी 5 आरोपियों, जिनमें मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह भी शामिल हैं, के खिलाफ जांच जारी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।