
खंडवा। रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाए गए नगर परिषद छनेरा के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक किशनलाल चेतनमल को न्यायालय ने तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय (लोकायुक्त) खंडवा द्वारा सुनाया गया।
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ खंडवा हरिप्रसाद बांके ने जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी आत्माराम निवासी भीमपुरा कॉलोनी, छनेरा ने वर्ष 2018 में लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने ग्राम छनेरा नया हरसूद में प्लॉट खरीदा था, जिस पर नामांतरण एवं मकान निर्माण की अनुमति के लिए नगर परिषद में आवेदन किया गया था। इस प्रक्रिया के बदले आरोपी राजस्व उप निरीक्षक किशनलाल चेतनमल द्वारा 23 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।

लगातार रिश्वत की मांग से परेशान फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस इंदौर से शिकायत की। जांच के बाद 11 जून 2018 को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद हुई और मौके पर ही कार्रवाई की गई। प्रकरण की विवेचना पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय लोकायुक्त खंडवा में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस मामले में लोकायुक्त की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विनोद कुमार पटेल ने पैरवी की। वहीं साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने में लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक डॉ. राजेश सहाय के निर्देशन में आरक्षक पवन पाटीदार की अहम भूमिका रही।