
इंदौर। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन क्लीन’ के अंतर्गत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के तहत न केवल बाहरी व्यवस्था, बल्कि विभाग के अंदर की कार्यप्रणाली को भी दुरुस्त किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को एक और पुलिसकर्मी पर गंभीर कार्रवाई की गई।
थाना तिलक नगर की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल) में पदस्थ एएसआई रामेश्वर परमार को पांच वर्ष के लिए पदावनत करते हुए प्रधान आरक्षक बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार ड्यूटी के दौरान एएसआई अत्यधिक शराब के नशे में सोते हुए पाए गए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने साथ तैनात कर्मचारियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया, जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची।
बताया जा रहा है कि एएसआई रामेश्वर परमार शराब पीने और लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने के आदी रहे हैं। अपने सेवाकाल के दौरान वे पहले भी इसी तरह की अनुशासनहीनता के चलते दंडित किए जा चुके हैं। बार-बार चेतावनी और सजा के बावजूद सुधार नहीं होने पर विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें पदावनत करने का निर्णय लिया है।
इस कार्रवाई के बाद अब रामेश्वर परमार वर्ष 2029 में सेवानिवृत्ति तक प्रधान आरक्षक के पद पर ही रहेंगे। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता, शराब सेवन और ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।