
इंदौर। शहर में बुधवार रात 66वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिसके जरिए खरगोन के 49 वर्षीय विजय जायसवाल के अंग समय पर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाए गए। उनके हृदय, लीवर और किडनी के दान से तीन लोगों को नया जीवन मिला। खरगोन की गोविंद शिंदे कॉलोनी के विजय जायसवाल 15 फरवरी को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन लगातार उपचार के बावजूद हालत में सुधार नहीं हुआ। वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ अंशुल जैन और डॉ वरुण देशमुख ने परीक्षण के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत परामर्श के लिए मुस्कान समूह को सूचना दी गई। तीन दिन तक परामर्श के बाद पत्नी आराधना जायसवाल, बड़े भाई विनोद जायसवाल, विशाल जायसवाल और पुत्र प्रथमेश ने साहस दिखाते हुए अंगदान की सहमति दी। परिवार के इस निर्णय ने तीन जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी भर दी।
दो ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचाए अंग
रात 10:15 बजे विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ज्यूपिटर अस्पताल से एयरपोर्ट तक हृदय पहुंचाया गया, जहां से उसे हवाई मार्ग से मरेंगो सिम्स अस्पताल भेजा गया। इसके बाद रात 10:45 बजे एक और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक किडनी को चोइथराम अस्पताल पहुंचाया गया। लीवर और दूसरी किडनी का प्रत्यारोपण इंदौर के ही एक निजी अस्पताल में मरीजों को किया गया।