
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के विरुद्ध मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई यह न समझें कि कुछ पता नहीं चलता। किसके यहां क्या पक रहा है, सब पता चल जाता है। इसलिए सभी को आगाह किया जाता है कि करप्शन से दूर रहें और सरकार की प्राथमिकता के साथ जनता के हितों के लिए काम करें। उन्होंने साफ कहा कि कुछ जिलों की शिकायत उनके और मुख्यमंत्री के पास आई है, इसलिए सुधर जाएं तो ही बेहतर होगा। 7 और 8 अक्टूबर को हुई दो दिन की कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस पर एक्शन की दूसरी समीक्षा बैठक में सीएस ने यह चेतावनी अफसरों को दी।
टॉप-थ्री और बॉटम-थ्री जिलों की जानकारी
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर कमिश्रर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और इसमें टॉप-थ्री और बॉटम-थ्री जिलों की जानकारी शेयर करते हुए कमजोर परफार्मेस वाले जिलों को अपनी स्थिति सुधारने के लिए कहा है। इस बैठक में पुलिस और अन्य विभाग के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के मामले में किए गए कामों की भी समीक्षा की गई। साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जाने वाले ‘मुस्कान अभियान’ की भी जानकारी सीएस ने ली। यह जानकारी दी गई कि 1900 से अधिक बालिकाओं की बरामदगी की गई है। इसके लिए जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल हैं। जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम श्री जिलों में शामिल हैं।
वर्किंग एजेंडा तय किया गया
कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों, कमिश्नरों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों के लिए जो वर्किंग एजेंडा तय किया गया उसकी समीक्षा करने के लिए सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसम्बर को तारीख तय की थी। इसके बाद इसमें बदलाव हुआ और इसे 5 जनवरी तय किया गया। ऐन वक्त पर इस तारीख को भी कॉन्फ्रेंस नहीं हो सकी और तब 15 जनवरी को सीएस द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस करने और एजेंडों पर अमल का फैसला किया गया। प्रशासनिक कारणों से यह बैठक 15 जनवरी को भी नहीं हो सकी। बुधवार को यह बैठक चौथी बार तय तारीख में हो सकी।
