
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति को नियंत्रित करने और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर गया। रविवार को कलेक्टर शिवम वर्मा और नवागत नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों के अमले के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात की गहन समीक्षा की। इस दौरान आईसीएमआर कोलकाता की टीम के साथ भी बीमारी के कारणों और नियंत्रण उपायों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए प्रशासन द्वारा तीन स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। पहले स्तर पर क्षेत्र में बीमारी के लक्षण वाले लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। दूसरे स्तर पर अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। जबकि, तीसरे स्तर पर उपचार के बाद घर लौट चुके मरीजों की सेहत पर भी नियमित नजर रखी जा रही है।
नगर निगम का अमला क्षेत्र में लगातार सर्वे और रिंग सर्वे कर रहा है। जलापूर्ति लाइनों में पाए गए लीकेज की मरम्मत कर दी गई है तथा पेयजल की शुद्धता के लिए क्लोरीनेशन किया जा रहा है। घर-घर सुरक्षित पानी पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम का कोई मामला सामने नहीं आया और नागरिकों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।