
इंदौर। गंदे पानी का कहर अभी भी भागीरथपुरा में अपना असर दिखा रहा है। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई। इनमें एक 6 महीने का बच्चा अभियान साहू भी है। जिसके बारे में कहा जा रहा कि मां ने उसे पानी मिलाकर ऊपर का जो दूध पिलाया, वह पानी से मिलकर जहर बन गया और उसने मासूम की जान ले ली।
अभियान साहू की मां साधना और पिता सुनील ने बताया कि एक-दो दिन पहले ही उसे दस्त लगे थे। शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया, उन्होंने दवाई दी, तो हमें लगा कि यह सामान्य है, बच्चा ठीक हो जाएगा। सोमवार सुबह चार-पांच बजे अचानक बच्चा रोते हुए उठा, हम उसे निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। मां ने बताया कि मुझे दूध कम आता है, इसलिए दूध में पानी मिलाकर पिलाती थी। हमें नहीं पता था कि यह दूषित पानी है। इस संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं थी।
बड़ी मन्नतों के बाद का बेटा था
साधना के मुताबिक, हमारी 2014 में शादी हुई। हमारी 10 साल की बेटी है, कोई बेटा नहीं था। इलाज और मन्नतों के बाद अभियान हुआ था। हमें लगा कि यह बुढ़ापे का सहारा बनेगा। पर, इन लोगों ने हमारे बच्चे की जान ले ली। पीछे वाली गली में भी दो माह की बच्ची की मौत हुई है। मां स्कूल में शिक्षिका है। 10 वर्षीय बहन भी बार-बार अपने भाई को याद करते हुए रो रही हैं। वह उसे अपनी जान से ज्यादा प्यार करती थी। वह कह रही है कि मैं राखी किसको बांधुंगी। मुझे लगा था कि मेरा भाई आ गया।
पूरे इलाके में गंदा पानी
भागीरथपुरा निवासी जीवनलाल बरेडे की भी इसी पानी के कारण मौत हुई। अब घर पर पत्नी अकेली रह गई। उन्हें 24-25 दिसंबर से उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हुई थी। इलाज के लिए हमने घर पर ही डॉक्टर को बुलाया, पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में भी 7 साल के बच्चे सहित चार लोग बीमार है, जिनका इलाज हो रहा है। इसके अलावा शंकर भाया (70), अशोक लाल पंवार और सुमित्रा देवी की मौत की जानकारी भी बुधवार को सामने आई। लोगों ने बताया कि उनकी मौत का कारण दूषित पानी है। पूरे क्षेत्र में दूषित पानी आता है। इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं।