
मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के तहत 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति को बढ़त मिलती दिख रही है। कोकण क्षेत्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) का पूरी तरह सफाया होने के संकेत मिले हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस क्षेत्र में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए भाजपा को भी पीछे छोड़ दिया।
सोलापुर जिले की अनागर नगर पंचायत, धुले की डोंडाइचा नगर परिषद और जलगांव की जामनेर नगर परिषद में चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए। इन तीनों स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों ने नगराध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जिससे पार्टी का मनोबल और मजबूत हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कई सीटों पर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। जबकि, कुछ क्षेत्रों में भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के बीच कड़ी टक्कर के आसार हैं।
इस बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मतदान से ठीक एक दिन पहले पुणे के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व उपमहापौर आबा बागुल ने अपने बेटे हेमंत बागुल और सैकड़ों समर्थकों के साथ शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया। ठाणे में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में यह राजनीतिक घटनाक्रम हुआ।
चुनाव से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति की जीत का भरोसा जताते हुए कहा था कि लोकसभा और विधानसभा की तरह नगर निकाय चुनाव भी महायुति जीतेगी। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र में लंबे समय तक नगर निकायों का संचालन प्रशासकों के जरिए उचित नहीं है और जनता विकास कार्यों को देखकर सही जनादेश देगी।