
इंदौर। मूसाखेड़ी के रामनगर निवासी संदीप रेसवाल को फोन कर सैंपल लेने के बहाने डीबी प्राइट कट के पास एबी रोड पर बुलाया गया। संदीप जब लैब टेक्नीशियन के साथ मौके पर पहुंचे, तो कार में बैठे आरोपियों ने उन्हें पास बुलाया और जबरन कार में बैठाकर मारपीट की। मारपीट के दौरान जब लैब टेक्नीशियन ने विरोध किया और उनसे कारण पूछा तो आरोपियों ने कहा कि संदीप से उनका रुपए के लेन-देन का विवाद है, वह बीच में हस्तक्षेप न करे। वे संदीप का अपहरण करके उसे साथ ले गए। पुलिस ने बताया कि संदीप ‘श्योर पैथोलॉजी’ के नाम से लैब संचालित करता है। इस प्रकरण में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
टीआई तारेश सोनी के मुताबिक, तीनों आरोपियों को सुसनेर से राउंडअप किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संदीप और आरोपियों के बीच करीब 7 लाख रुपए का लेन-देन था। हालांकि, आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है और वे पेशे से खेती-किसानी का कार्य करते हैं।
8 घंटे के अंदर ही अपहर्ता को गिरफ्तार कर मुख्य आरोपी को पुलिस की हिरासत में ले लिया। फरियादी ने बताया कि 16 दिसंबर की शाम करीब 7.30 बजे वह और संदीप लैब के सैंपल लेने के लिए एबी रोड स्थित डीबी प्राइड कट के पास पहुंचे थे। तभी कुछ लोगों ने संदीप को जबरदस्ती कार में बैठा लिया और अपहरण कर लिया। करीब दो घंटे बाद फरियादी को बदमाश सोयतकलां के पास गौशाला के समीप छोड़कर भाग निकले। अपहरण के दौरान फरियादी से मारपीट भी की गई। जैसे-तैसे फरियादी ने घर पर सूचना दी। परिजनों के साथ वह थाने पहुंचा और सारी स्थिति से अवगत कराया।
पुलिस आरोपी तक पहुंची
फरियादी ने अपहरणकर्ता का हुलिया और कार का नंबर पुलिस को बता दिया था। पुलिस ने कार नंबर ट्रेस किया। इसके बाद सूचना तंत्र सक्रिय किए गए। जिस स्थान पर फरियादी को छोड़कर गए थे, वहां के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। सोयतकलां तक करीब 500 से अधिक कैमरे और टोल नाका के फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। उधर, अपहरण की घटना को गंभीरता से लेते हुए जोन 2 के पुलिस उपायुक्त कुमार प्रतीक ने टीम गठित की। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जानकारी जुटाई। इस पर पता चला कि यह अपहरण लैब संचालक और उनके सहयोगी सुरेश राठौर निवासी ग्राम दीवानखेड़ी, थाना सोयतकलां, (आगर मालवा) के बीच रुपए के लेनदेन के विवाद के चलते किया गया था। इसके बाद पुलिस ने अपहृत व्यक्ति को ग्राम दीवानखेड़ी, सोयत के पास स्थित सरकारी गोशाला से सुरक्षित बचाया और मुख्य आरोपी सुरेश पिता रामनारायण राठौर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध और साथी के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाने की बात स्वीकार की। आरोपी सोयतकलां में खेती करता है। वह लंबे समय से फरियादी से पैसे की मांग कर रहा था, लेकिन फरियादी हर बार उसे टाल देता था। आरोपी की मानें तो वह धमकाने की नीयत से कार में बैठाकर ले गया था। जब फरियादी ने पैसे लौटाने की बात कही तो उसे सोयतकलां में ही छोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद मैं अपने साथी के साथ घर आ गया था। फरार होने की तैयारी में था, तभी पुलिस ने दबोच लिया।
पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदातें
थाना क्षेत्र में पुलिस की निष्कक्रयता के चलते पहले भी अपहरण के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। लंबे अरसे बाद पुलिस ने मात्र आठ घंटे में अपहरण कर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इसके पूर्व अपहरण करने वालों को पकड़ने में पुलिस के पसीने छूट गए थे।