
नर्मदापुरम। प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हर दूसरे दिन कोई न कोई अधिकारी भ्रष्टाचार के दलदल में पकड़ा जा रहा है। ताजा मामला नर्मदापुरम का है, जहां लोकायुक्त पुलिस ने कृषि विभाग के अनुज्ञापन अधिकारी सह उप संचालक जयराम हेड़ाऊ को उनके ही कार्यालय में 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
बाबई रोड निवासी शिकायतकर्ता राजनारायण गुप्ता के अनुसार वे अपने भाई की खाद-बीज दुकान का संचालन देखते हैं। कुछ समय पूर्व दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके आधार पर सह उप संचालक जयराम हेडाऊ ने दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया। जब गुप्ता ने लाइसेंस बहाली के लिए हेडाऊ से संपर्क किया, तो उन्होंने 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली।
शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल से की। सत्यापन के बाद योजना बनाई गई और सोमवार को लोकायुक्त टीम ने सह उप संचालक हेडाऊ को 40 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही दबोच लिया। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई।
आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की तैयारी है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर कर दिया है।