
भोपाल। नर्मदा नदी के किनारे इस साल 28 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वर्षा ऋतु में पौधारोपण का कार्य होगा। नर्मदा नदी के कैचमेंट एरिया को संरक्षित करने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। पौधों की देखरेख और निगरानी ड्रोन और सैटेलाइट से की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पौधरोपण ठीक से हो रहा है। पिछले वर्ष भी लगभग इतने ही पौधे लगाए गए थे।
इन पौधों की जीवितता का प्रतिशत भी ठीक है। नर्मदा नदी के किनारे 16 जिलों अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, जबलपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, खरगोन, धार, बड़वानी और अलीराजपुर में पौधरोपण के कार्य होंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए हर जगह तार फेंसिंग की जाएगी।
वर्ष 2025-26 में अविरल निर्मल नर्मदा योजना अंतर्गत नर्मदा नदी के 10 किमी की परिधि में आने वाले 12 वन मंडलों में 5600 हेक्टेयर में से 5222.75 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण एवं भू-जल संबंधी कार्य किया जा रहा हैं। इस के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रविधान है।
नदियों के पुनर्जीवन कार्यों के अंतर्गत नर्मदा, यमुना नदी के जल ग्रहण क्षेत्र उपचार के लिए सात करोड़ रुपये से जल एवं मृदा संरक्षण संबंधी विविध कार्य भी हो रहे हैं। इसके अलावा नर्मदा नदी के किनारे औषधीय पौधारोपण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
