
इंदौर। शहर में अंधगति से हजारों की तादाद में दौड़ रहे ई-रिक्शा जल्द ही निर्धारित रुटों पर चलते नजर आएंगे। यातायात पुलिस ने सात सेक्टर में रुट बनाए हैं। 2 हजार से अधिक चालकों ने रुट पर चलने सहमति जताते हुए ट्रैफिक थाने में पंजीयन कराया है।
यातायात विभाग की इस योजना से अस्त-व्यस्त ट्रैफिक व्यवस्था में आमूलचूल सुधार की गुंजाइश रहेगी। रुट निर्धारण का पूर्व में रिक्शा यूनियन विरोध भी जाहिर कर चुकी है। ई रिक्शा सस्ते होने के कारण लगातार इनका संचालन बढ़ता जा रहा है। अत्यधिक संख्या में वाहन होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। दुकानों, चौराहों के सामने खड़े रहने से अन्य वाहनों को आवाजाही में दिक्कत आती है। एक ही चौराहे पर अधिक संख्या में रिक्शा खड़ी होने से सवारी को लेकर विवाद होना आमबात है। सस्ती सेवाएं देने के कारण यह यात्रियों की पहली पसंद बना हुई है।
रुट में राजबाड़ा शामिल नहीं
सात सेक्टरों में जो रुट बनाए गए हैं, उसमें राजबाड़ा को शामिल नहीं किया गया है। राजबाड़ा जाने वाले यात्रियों को मृगनयनी तक ही रिक्शा की सेवाएं मिल सकेगी, इसके बाद उन्हें पैदल जाना होगा। हालांकि, वर्तमान में बड़ा गणपति से राजबाड़ा तक रिक्शा आने की अनुमति ट्रैफिक पुलिस ने दी रखी है। दो माह पहले ट्रैफिक पुलिस ने रिक्शा का कलर कोडिंग करने की योजना बनाई थी। इसके पीछे मूल उद्देश्य किस रुट पर कौनसा रिक्शा चलेगा, यह पता लगाना था। लेकिन, अब तक कलर को लेकर मानक तय नहीं हो पाए हैं। वैसे भी शहर में कई रंगों के रिक्शा चल रहे हैं।
रिक्शा के रंग को लेकर शीघ्र निर्णय
रुट के बाद अब यातायात विभाग स्टैंड तैयार करने पर फोकस कर रहा है। ताकि, तय स्टैंड से तय रंग के रिक्शा ही चल सकें। चूंकि, रिक्शा की संख्या हजारों में है, ऐसे में स्टैंडों पर एक बार में कितनी रिक्शा खड़ी हो पाएगी, यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है। नायता मुंडला बस स्टैंड पर रिक्शा पाइंट नहीं है। जल्द ही कुमेड़ी में अंतर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) शुरू होने वाला है। नायता मुंडला से लगातार बसें दौड़ रही है, लेकिन इस सस्ते वाहन की सुविधा से यहां के यात्री वंचित है।
नायता मुंडला, कुमेड़ी में स्टैंड जल्द
यातायात पुलिस नायता मुंडला और कुमेड़ी में रिक्शा स्टैंड बनाएगी। आनंद कलादगी (पुलिस उपायुक्त, ट्रैफिक) ने कहा कि जल्द ही तय रुटों पर रिक्शा संचालित होगी। रूट के बाहर रिक्शा चलती पाई जाने पर चालानी कार्रवाई होगी। अब तक रुट पर चलने 2000 चालक आगे आए हैं।
