
विक्रम सेन
पटना । विदेश व्यापार महानिदेशालय ने फाइनेंस एक्ट 2025 के मुताबिक सोना, चांदी और प्लैटिनम आयात के लिए नया नोटिफिकेशन जारी किया है।
99.5% या अधिक शुद्धता वाला Unwrought सोने का आयात RBI की नॉमिनेटेड एजेंसियां (बैंक), डीजीएफटी की नॉमिनेटेड एजेंसियां या इंडिया इंटरेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के क्वालिफाइड ज्वैलर्स ही कर सकेंगे। इसके अलावा भारत-यूएई टैरिफ रेट कोटा (TRQ) होल्डर IIBX के जरिए सोना आयात कर सकेंगे।
यह आदेश 19 मई 2025 से लागू भी हो गया हैं। इस आदेश के लागू होने के साथ देश में सोना चांदी की कीमत बढ़ने की पूरी संभावना है और व्यापारियों में अपनी दुकानदारी चलाने हेतु ग्राहकों को रियायती मूल्य पर बहुमूल्य धातु बेचने में वाणिज्य कर के नियम कानून से इतर प्रयास करने की कोशिश में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
पटना में वाणिज्य कर विभाग को ऐसी ही सूचना मिली थी कि तीन व्यापारी बिना चालान और बिल के बड़ी मात्रा में सोना चांदी का लेन – देन कर रहे थे।
इसी सूचना के आधार पर पटना के बाकरगंज में वाणिज्य-कर विभाग ने सराफा कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की जिसमें 70 किलो सोना और 5500 किलो चांदी बरामद हुई।
जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
छापेमारी की इस कार्रवाई पर व्यापारियों ने स्वेच्छा से 90 लाख रुपये का भुगतान विभाग को किया है।
फिलहाल कर चोरी के साक्ष्य पाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने इन तीनों व्यवसायिक परिसरों से कंप्यूटर, बिलिंग सॉफ्टवेयर, स्टॉक रजिस्टर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को भी जब्त कर लिया है। अब इन दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितना कर चोरी की गई है और क्या कोई बड़ा नेटवर्क इसमें शामिल है।
सोना चांदी के रियायती ड्यूटी पर आयात नियमों का बेजा इस्तेमाल रोकने हेतु भारत सरकार के नए नियम कानून को जानें
भारत सरकार ने सोना, चांदी के कच्चा (unwrought), सेमी-मैन्युफैक्चर्ड और पाउडर सोना, चांदी और प्लैटिनम आयात पर अंकुश लगाया है।
इस संबंध में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 19 मई को नोटिफिकेशन जारी किया है। यह आदेश तत्काल लागू हो गया है। इसका मकसद इन बहुमूल्य धातुओं के आयात में सख्ती बरतने के साथ रियायती ड्यूटी पर उनके आयात नियमों का बेजा इस्तेमाल रोकना है। इसका असर बहुमूल्य धातु पर भी पड़ेगा।
इस नोटिफिकेशन में प्रमुख आईटीसी कोड में संशोधन किए गए हैं। कुछ कोड डिलीट कर दिए गए हैं और कुछ को रेस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया गया है।
99.5% या अधिक शुद्धता वाला Unwrought सोने का आयात RBI की नॉमिनेटेड एजेंसियां (बैंक), डीजीएफटी की नॉमिनेटेड एजेंसियां या इंडिया इंटरेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के क्वालिफाइड ज्वैलर्स ही कर सकेंगे। इसके अलावा भारत-यूएई टैरिफ रेट कोटा होल्डर IIBX के जरिए सोना आयात कर सकेंगे। उन्हें इसकी डिलीवरी स्पेशल इकोनॉमिक जोन में स्थित IFSCA रजिस्टर्ड वॉल्ट से मिलेगी। गोल्ड डोर का आयात वे रिफाइनरी कर सकेंगी जिनके पास एक्चुअल यूजर का आयात लाइसेंस होगा। सेमी-मैन्युफैक्चर्ड सोने के आयात की अनुमति आरबीआई और डीजीएफडी की नोटिफाइड एजेंसियों को होगी। दोनों तरह के सोने को रेस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया गया है।
कच्ची (Unwrought) चांदी (99.9% या अधिक शुद्धता) को रेस्ट्रिक्टेड कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसका आयात अब सिर्फ रिजर्व बैंक (RBI) की नॉमिनेटेड एजेंसियां (बैंक), डीजीएफटी की नॉमिनेटेड एजेंसियां या इंडिया इंटरेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के क्वालिफाइड ज्वैलर्स ही कर सकेंगे। 99.9% या अधिक शुद्धता वाली चांदी के बार का आयात RBI के रेगुलेशन के अधीन होगा।
सोना चांदी का आयात रिजर्व बैंक और डीजीएफटी की नॉमिनेटेड एजेंसियों तथा IIBX के क्वालिफाइड ज्वैलर्स के जरिए ही किया जा सकेगा।
एक विशेषज्ञ व्यापारी के अनुसार “सरकार के इस कदम का मकसद इन बहुमूल्य धातुओं के आयात में सख्ती बरतना, उनकी ट्रेसेबिलिटी सुधारना और रियायती ड्यूटी पर आयात का बेजा इस्तेमाल रोकना है। हालांकि आयात के चैनल सीमित होने से घरेलू बाजार में सप्लाई पर असर होगा तो सोना और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं।”
वहीं व्यापारी वर्ग इसकी गली निकालेगा और स्वाभाविक रूप से वाणिज्यिक कर विभाग की भूमिका इस व्यापार व्यवस्था में और बढ़ सकती हैं।