
विक्रम सेन
नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान ने गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच दिन में बनी सहमति का उल्लंघन किया है।
पाकिस्तान ने करीब 550 ड्रोन भारत के कई शहरों की तरफ हमले के लिए लॉन्च किए थे जिन्हें भारतीय सेना द्वारा नष्ट किया गया हैं। फिलहाल भारत के सारे तटीय क्षेत्रों में शांति हैं।
Loc पर भी कोई गोलीबारी की खबर नहीं हैं।
भारतीय सेना मुस्तैदी और साहस से अपने दायित्व को अंजाम दे रही हैं।
सेना ने यह भी कहा है कि श्रीनगर सहित अनेक तटीय क्षेत्रों में कोई विस्फोट या धमाका नहीं हुआ है।
युद्ध विराम के बावजूद पाकिस्तान सीमा से लगे जम्मू कश्मीर, राजस्थान, पंजाब और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में रात में इन ड्रोन के देखें जाने के चलते कुछ शहरों में ब्लैक आउट घोषित किया गया था। माता वैष्णो देवी के पास भी ड्रोन देखे गए हैं।
हालांकि सुबह तक फिरोजाबाद, श्रीनगर सहित कई शहरों से ब्लैक आउट हटाया गया हैं। हालांकि द्वारका जामनगर में कल सुबह तक ब्लैक आउट रहेगा।
इस बीच चीन ने अपने नापाक इरादों को जाहिर करते हुए कहा है कि वह पाकिस्तान की संप्रभुता के साथ हैं।
चीन के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात भी की।
माना जा रहा हैं कि ट्रंप सरकार द्वारा भारत पाकिस्तान के बीच कराए युद्ध विराम को असफल करने में चीन का हाथ होना संभव है।
इसी के चलते युद्ध विराम को लेकर आशावाद अधिक समय तक नहीं रहा, क्योंकि अब पाकिस्तान पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने का कु कृत्य किया है।
जबकि इससे कुछ ही घंटे पहले दोनों देश भूमि, समुद्र और हवाई युद्धविराम पर सहमत हुए थे।
इस घटनाक्रम में रात करीब साढ़े आठ बजे कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट में ड्रोन देखे जाने और विस्फोट की आवाज़ सुनी जाने की बात कहीं और पूछा कि “जम्मू और श्रीनगर में विस्फोट हुए हैं, संघर्ष विराम का क्या हुआ?”
उसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान पर युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, तथा कहा है कि भारतीय सशस्त्र बल सतर्क हैं तथा उनसे किसी भी उल्लंघन का उचित तरीके से जवाब देने को कहा गया है।
युद्ध विराम की घोषणा अचानक की गई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दिन में करीब 3.35 बजे इसकी घोषणा सोशल मीडिया पर करते हुए कहा था कि भारत और पाकिस्तान युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं तथा इसके अन्य विवरण पर काम किया जाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि दोनों देश अधिक तटस्थ स्थान पर वार्ता करेंगे।
हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि भारत पाकिस्तान उन वार्ताओं के लिए सहमत हुए है या नहीं। आधिकारिक बयान यह रहा कि दोनों देश युद्ध विराम के लिए सहमत हो गए है। युद्ध विराम 5 बजे लागू होने के कुछ घंटों बाद भारत ने पाकिस्तान पर युद्ध विराम उल्लंघनों का आरोप लगाया।
जवाब में, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह संघर्ष विराम समझौते के प्रति “प्रतिबद्ध है” तथा उल्लंघन के लिए भारत को दोषी ठहराया।
इस सम्बन्ध में कुछ सुरक्षा जानकारो का कहना है कि चूंकि यह संघर्ष विराम इन दो परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसियों के बीच कुछ दिनों से बढ़ रहे तनाव के बाद हुआ है, इसलिए सब कुछ ठीक होने में समय लगेगा।
यह 24 घंटे का असाधारण घटनाक्रम रहा, जिसमें भारत ने पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले किए, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की और अंततः युद्धविराम हुआ।
इससे पता चलता है कि यह युद्धविराम कितना खतरनाक है।
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध के रूप में सटीक हवाई हमलों और समन्वित जमीनी अभियानों का उपयोग करके नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया था।
हालांकि, पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच एलओसी पर भारी गोलाबारी की है जिसमें अग्रिम चौकियों पर गोलाबारी और ड्रोन-आधारित मिसाइल हमले शामिल हैं। भारतीय सशस्त्र बलों ने इन हमलों का जवाब दिया और उन्हें बेअसर कर दिया।
वहीं पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका 10 मई की सुबह लगा, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के आठ सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें हवाई अड्डे, रडार इकाइयां और गोला-बारूद के भंडार शामिल थे। यह हमला पड़ोसी देश द्वारा लड़ाकू विमानों, मानवरहित लड़ाकू हवाई वाहनों (यूसीएवी) और मिसाइलों का इस्तेमाल कर भारत के सैन्य बुनियादी ढांचे और नागरिक क्षेत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया था।
भारतीय वायुसेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर, चुनियन, पसरूर और सियालकोट में सैन्य ठिकानों पर हमला किया। रात भर चले घटनाक्रम ने भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू किए जाने के बाद से दोनों सेनाओं के बीच सबसे भीषण संघर्ष को चिह्नित किया। भारत द्वारा निशाना बनाए गए लक्ष्यों में तकनीकी अवसंरचना, कमांड और नियंत्रण केंद्र, रडार साइट और हथियार भंडारण क्षेत्र शामिल थे।
युद्ध विराम की घोषणा के बाद एक ब्रीफिंग के दौरान विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय प्रतिष्ठानों पर अकारण हमले के बाद पाकिस्तान को बहुत भारी और असहनीय क्षति हुई है।
युद्ध विराम असफल होने के बाद अमृतसर डीसी ने आज सुबह 5.24 बजे जारी एक बयान में कहा, “हमने आपकी सुविधा के लिए बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन हम अभी भी रेड अलर्ट पर हैं। अब सायरन बजेगा, जो इस रेड अलर्ट का संकेत देगा। कृपया अपने घर से बाहर न निकलें; घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें। जब हमें हरी झंडी मिलेगी, तो हम आपको सूचित करेंगे। कृपया अनुपालन सुनिश्चित करें और कृपया घबराएं नहीं।”
पुंछ में स्थिति सामान्य लग रही है। रात के दौरान किसी ड्रोन, गोलीबारी या गोलाबारी की सूचना नहीं मिली।
जम्मू शहर में स्थिति सामान्य लग रही है। रात के दौरान किसी ड्रोन, गोलीबारी या गोलाबारी की सूचना नहीं मिली।
गुजरात के कच्छ में पूरी तरह से ब्लैकआउट देखा जा रहा है।
गोलीबारी रोकने पर समझौते के कुछ घंटों बाद जम्मू में पूर्ण ब्लैकआउट लागू कर दिया गया
पठानकोट में पूरी तरह ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है
जैसलमेर, फिरोजपुर और बाड़मेर में पूर्ण ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है, एएनआई के अनुसार जैसलमेर, फिरोजपुर और बाड़मेर में पूर्ण ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को पाकिस्तान द्वारा ड्रोन हमले के बाद बढ़े अलर्ट के बीच सुरक्षा एहतियात के तौर पर यह उपाय लागू किया है।
श्रीनगर में ब्लैकआउट के बीच लाल धारियाँ देखी गईं और धमाकों की आवाज़ सुनी गई है।
राजस्थान के जैसलमेर में पूरी तरह ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है।
कार्यक्रमों में नागरिक सुरक्षा हवाई हमले के सायरन की आवाज़ का इस्तेमाल न करें
सरकार ने शनिवार को नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 के तहत एक परामर्श जारी किया, जिसमें मीडिया चैनलों से आग्रह किया गया कि वे अपने कार्यक्रमों में नागरिक सुरक्षा हवाई हमले के सायरन की आवाज़ का इस्तेमाल न करें, सामुदायिक जागरूकता उद्देश्यों को छोड़कर। सरकार ने चेतावनी दी कि इस तरह के ऑडियो का बार-बार इस्तेमाल जनता को असंवेदनशील बना सकता है और वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान भ्रम पैदा कर सकता है, खासकर भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सामूहिक कर्तव्य: शरद पवार
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने शनिवार शाम कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किया गया ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा के लिए “आवश्यक” था और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है। पूर्व रक्षा मंत्री ने भारत और पाकिस्तान द्वारा तत्काल युद्ध विराम पर सहमति जताए जाने के बाद एक्स पर एक संदेश पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “भारत हमेशा शांति और बातचीत के लिए खड़ा रहा है। अगर उस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो उनका स्वागत है। हालांकि, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सामूहिक कर्तव्य भी है।”
स्वदेशी जागरण मंच ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ सरकार की निर्णायक कार्रवाई का स्वागत किया
जागरण मंच ने एक बयान में कहा, “यह साहसिक कदम भारतीय लोगों की इच्छाशक्ति और नेतृत्व को दर्शाता है और हमारे देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अपने नागरिकों की सुरक्षा की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।”
उल्लेखनीय हैं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद, सिंधु जल संधि को निलंबित करने सहित पाकिस्तान के खिलाफ भारत के दंडात्मक उपाय, युद्ध विराम समझौते के बावजूद जारी रहेंगे। सरकारी सूत्रों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प की पुष्टि की, इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के कृत्यों को दंडित किया जाएगा।
उधर यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक ने युद्ध विराम का स्वागत किया
काजा कालास ने बताया कि युद्ध विराम की घोषणा के बाद उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार दोनों से बात की थी।
उन्होंने इस समझौते को “तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया और कहा कि “इसका सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए”।
उन्होंने कहा, “यूरोपीय संघ क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आतंकवाद-विरोध के लिए प्रतिबद्ध है।”
बहरहाल सीजफायर के बावजूद पाकिस्तान ने नियमों के उल्लंघन किया है। इसके चलते पाकिस्तान की मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच सीजफायर कराने का दावा केवल अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। MEA ने कहा है कि पाकिस्तान अगर कोई नियम नहीं मानता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा।