
वाराणसी। जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर ‘धर्मयुद्ध’ नाम से आंदोलन की शुरुआत करने का आह्वान किया है। साथ ही वह सनातन की रक्षा के लिए भी यह आंदोलन कर रहे हैं। धर्मयुद्ध के रूप में यह आंदोलन शुक्रवार से शुरू हो रहा है और इसके उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 10 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है। गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध को लेकर कार्यक्रम का ऐलान कर दिया गया। गौमाता की रक्षा और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की जा रही है। साथ ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से यह मांग भी रखी गई है कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले अपने यहां गाय को राज्य माता घोषित करे।
इसके 10 मार्च को लखनऊ पहुंचने के आसार
यह धर्म युद्ध शुक्रवार को शुरू और इसके 10 मार्च को लखनऊ पहुंचने की संभावना है। फिर 11 मार्च से लखनऊ में आंदोलन चलेगा जिसको धर्मयुद्ध का नाम दिया गया है। कार्यक्रम के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचेंगे। वह जौनपुर भी जाएंगे। सुल्तानपुर में वह जनसभा को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद वह रायबरेली पहुंचेंगे और वहां भी सभा करेंगे। यहीं पर वह रात्रि विश्राम करेंगे और इसके बाद अपने अगले सफर पर निकल जाएंगे।
कई जगह धर्मसभा और गौरक्षा आह्वान
अगले दिन रविवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने दल के साथ मोहनलालगंज से होते हुए लालगंज और अचलगंज भी जाएंगे। इन जगहों पर भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद लोगों से मुलाकात करेंगे और सभा करते हुए उन्नाव के लिए निकल जाएंगे। उन्नाव में भी वह सभा करेंगे और फिर रात्रि विश्राम यहीं पर होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में भी सभा करेंगे और फिर यहीं पर रात्रि विश्राम भी करेंगे। 10 मार्च (मंगलवार) को वह सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए लखनऊ आ जाएंगे। फिर 11 मार्च (बुधवार) को 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुंच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे।