
विक्रम सेन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को एक आईईडी विस्फोट होने के बाद एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। इस हमले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपंजे शहीद हो गए हैं।
कोंटा-गोलापल्ली रोड पर एक नए स्थापित पुलिस बेस कैंप के पास यह विस्फोट नियमित गश्त के दौरान हुआ।
यह विस्फोट उस समय हुआ जब आकाश राव कोन्टा-एर्राबोर मार्ग पर डोंड्रा के पास पैदल गश्त पर निकले थे। प्रेशर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के इस भयानक विस्फोट में कोन्टा के एसडीओपी, थाना प्रभारी समेत 2 अन्य जवान भी घायल हो गए हैं।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, हमले में घायल हुए एडिशनल एसपी आकाश राव की हालत बहुत ज्यादा गंभीर थी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अन्य 3 घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सोमवार को पत्रकारों को इस घटना की जानकारी दी।
आईजी के अनुसार, एएसपी गिरिपंजे 10 जून को सीपीआई (एम) द्वारा भारत बंद के आह्वान के मद्देनजर किसी भी नक्सली घटना को रोकने के लिए पैदल गश्त ड्यूटी पर थे।
विदित हो कि एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपुंजे 2014 बैच के डीएसपी थे। उन्हें एएसपी के लिए प्रमोट किया गया था। महासमुंद में भी वें ASP की जिम्मेदारी निभा चुके है। इसके साथ राजधानी रायपुर में भी काम कर चुके है।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ” एएसपी सुकमा आकाश राव गिरिपंजे कोंटा-एर्राबोरा रोड पर डोंड्रा के पास आईईडी विस्फोट में घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए। वह एक बहादुर जवान थे और उन्हें कई वीरता पुरस्कार दिए गए थे। यह हमारे लिए दुखद क्षण है। संबंधित अपराधियों के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।”
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
बता दें कि कुछ समय तक शांत रहने के बाद माओवादियों ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों पर पलटवार किया है।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि नक्सलियों की गतिविधियां कितनी घातक और सुनियोजित हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।