
नई दिल्ली/मुंबई/बंगलुरू : डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के नए सुरक्षा नियमों के कारण की देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी ‘इंडिगो’ मुश्किल में आ गई। क्रू की कमी से तीन दिन में इंडिगो के ऑपरेशन बुरी तरह प्रभावित हुए। सिर्फ गुरुवार को ही दिल्ली, बंगलुरू और मुंबई समेत कई एयरपोर्ट पर 550 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल करना पड़ी।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से इंडिगो की 172 उड़ानें रद्द हुई। जबकि, मुंबई में 118, बेंगलुरु से 100, हैदराबाद में 75, कोलकाता से 35, चेन्नई से 26, गोवा से 11, जयपुर से 4 और इंदौर में 3 उड़ानें कैंसिल हुईं। इंडिगो प्रबंधन ने फ्लाइट्स कैंसिल होने पर यात्रियों से माफी मांगी और कहा कि वह ऑपरेशन जल्द ठीक करने की कोशिश कर रही है। नवंबर में इंडिगो की कुल 1,232 उड़ानें कैंसिल हुईं, जिनमें फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के कारण 755 उड़ानें भी शामिल हैं।
ताजा हालात पर गुरुवार को इंडिगो एयरलाइन के अधिकारियों ने डीजीसीए से मुलाकात की। उन्होंने एयरलाइन के नियमों में छूट का अनुरोध किया और कहा कि फ्लाइट के संचालन को सामान्य स्थिति में लाने में करीब तीन महीने लग सकते हैं। इस पर डीजीसीए ने एयरलाइन में सुधार के लिए जरूरी पहलुओं पर काम करने को कहा। इस मुलाकात में डीजीसीए ने इंडिगो से स्टाफ की भर्ती, ट्रेनिंग के लिए रोडमैप, रोस्टर का रीस्ट्रक्चर और सेफ्टी प्लान देने और प्रत्येक 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
यह स्थिति इसलिए बनी, क्योंकि इंडिगो की सबसे ज्यादा फ्लाइट हैं और उसके पास सबसे ज्यादा प्लेन हैं। यह एयरलाइन लगभग 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ऑपरेट करती है। डीजीसीए के अनुसार, क्रू की कमी इस समस्या की मुख्य वजह है। दरअसल, इंडिगो में यह परेशानी पिछले महीने से है। नवंबर में 1232 उड़ानें रद्द हुईं और बीते मंगलवार को ही 1400 उड़ानें देर से चलीं।

हालात से नागरिक उड्डयन मंत्री नाराज
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने इन हालात पर गुरुवार को समीक्षा बैठक की और नाराजगी जताते हुए कहा कि नए नियमों को लेकर तैयारी का इतना समय था, फिर भी स्थिति कैसे बिगड़ी। नागरिक उड्डयन मंत्री ने इंडिगो को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य करें और हवाई किराए में बढ़ोतरी न की जाए। देरी या कैंसिलेशन की स्थिति में यात्रियों को होटल, खाना और अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
यह है वो नियम जिसने हालात बिगाड़े
डीजीसीए ने 1 नवंबर से पायलटों और क्रू मेंबर्स के काम को लेकर नियमों में बदलाव किए हैं। इस नियम को ‘फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन’ (एफडीटीएल) नाम दिया है। इस नियम को दो चरणों में लागू किया गया और पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ था। जबकि, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू किया गया। इन नियमों के तहत यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलट और क्रू मेंबर्स को आराम देने पर जोर दिया है। यही वजह है कि एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी होने लगी।