
वरिष्ठ सम्पादक विक्रम सेन की रिपोर्ट
नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 अक्तूबर, 2025 (स्थानीय समयानुसार) व्हाइट हाउस में दिवाली समारोह में भाग लिया और भारत और भारतीय-अमेरिकियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक “महान व्यक्ति” और “महान मित्र” कहा तथा व्यापार और क्षेत्रीय शांति जैसे विषयों पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला।
समारोह और संदेश
ट्रम्प ने दिवाली के प्रतीकात्मक महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि दीया अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने समारोह के आरंभिक शब्दों में कहा कि “दीये की लौ हमें ज्ञान का मार्ग अपनाने, परिश्रम करने और हमारे आशीर्वादों के लिए धन्यवाद देने” की याद दिलाती है। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक रीति से व्हाइट हाउस में दीया भी जलाया।
प्रधानमंत्री मोदी से फोन वार्ता
ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी फोन पर बात की और कहा कि बातचीत “बहुत अच्छी” रही — मुख्य रूप से व्यापार और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रम्प के दिवाली संदेश और कॉल के लिए आभार व्यक्त किया तथा दोनों लोकतंत्रों की साझी भूमिका और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर ज़ोर दिया।
हाज़िरी और प्रतिनिधित्व
समारोह में ट्रम्प प्रशासन के कई वरिष्ठ भारतीय-मूल के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे — जिनमें एफबीआई निदेशक काश पटेल, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गब्बार्ड, व्हाइट हाउस के उप प्रेस सचिव कुश देसाई, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा तथा हाल ही में नियुक्त अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे। साथ ही प्रमुख भारतीय-अमेरिकी व्यापारिक नेताओं और तकनीक व उद्योग क्षेत्र के शिखरों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जिसने अमेरिका-भारत व्यापारिक संबंधों और प्रवासी समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डाला।
व्यापार और टैरिफ़ का संदर्भ
ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से व्यापार के मसलों का ज़िक्र किया और पिछले महीनों में लागू किए गए टैरिफ़ के निर्णयों का भी जिक्र आया। अगस्त 2025 में ट्रम्प प्रशासन ने रूस से तेल की खरीद को देखते हुए भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ़ घोषित किया था — जिससे कुछ श्रेणियों पर कुल अतिरिक्त आयात कर 50% तक पहुँच गया है — और यह विषय सार्वजनिक रूप से अमेरिका-भारत वार्ताओं और व्यापार चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। समारोह के अवसर पर ट्रम्प ने चीन पर संभावित भविष्य के भारी टैरिफ़ (नौकरियों व व्यापार समझौतों से जुड़ी स्थितियों के सन्दर्भ में) का भी उल्लेख किया।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्यों—राजा कृष्णमूर्ति (Raja Krishnamoorthi) और ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक (Brian Fitzpatrick) — ने 20 अक्तूबर से शुरू हुई दिवाली की धार्मिक व ऐतिहासिक अहमियत को मान्यता देने वाला एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव अमेरिका में रह रहे हिंदू, जैन और सिख समुदायों समेत प्रवासी भारतीयों के सांस्कृतिक-आध्यात्मिक योगदान को सम्मानित करता है।
सांस्कृतिक कूटनीति और चुनौतियाँ
व्हाइट हाउस में दिवाली का आयोजन और राष्ट्रपति का व्यक्तिगत संदेश दोनों ही सांस्कृतिक कूटनीति का प्रतीक हैं, इससे अमेरिका में बढ़ते भारतीय-अमेरिकी प्रभाव और दोनों देशों के बीच लोगों-से-लोगों के सम्बन्धों का प्रदर्शन होता है। वहीं, व्यापारिक टकराव और टैरिफ़ नीति इस गर्मजोशी को सीमित भी कर रही है; ऐसे में राजनयिक वार्ताएँ और आर्थिक वार्ता दोनों ही आगे निर्णायक रहने की सम्भावना रखते हैं।