
नई दिल्ली। देश की सबसे किफायती विमानन सेवा कंपनी इंडिगो (IndiGo) इन दिनों इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) यानी पायलटों के उड़ान और आराम समय से जुड़े नए नियमों को लागू करने में कंपनी के सिस्टम पूरी तरह लड़खड़ा गए हैं। नतीजा, आज 1000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल, हजारों यात्री फंसे, टिकट रिफंड और रीबुकिंग में अफरा-तफरी।
इसी बीच इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए स्वीकार किया कि “पिछले कुछ दिनों से कंपनी गंभीर ऑपरेशनल दिक्कतों से गुजर रही है।
5 दिसंबर को संचालन सबसे अधिक प्रभावित हुआ, और आज 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
जिन यात्रियों की उड़ान आज रद्द हुई है, कृपया हवाई अड्डे न आएं।
हम पूरा सिस्टम रीबूट कर रहे हैं और 10 से 15 दिसंबर के बीच स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
असुविधा के लिए खेद है।”
-संकट की असली वजह, 1 नवंबर 2025 से लागू हुए नए नियम
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीजीसीए ने 1 नवंबर 2025 से नए FDTL नियम लागू कर दिए। इन नियमों के तहत:
पहले रात 12 से 6 बजे तक अनलिमिटेड लैंडिंग की अनुमति
अब रात 12 से 6 बजे तक सीमित लैंडिंग
साप्ताहिक आराम 36 घंटे साप्ताहिक अब आराम 48 घंटे
हफ्ते में 6 नाइट लैंडिंग अब सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग
नियमों का सीधा असर पड़ा;
कम उड़ानें, ज्यादा आराम, और पायलटों की उपलब्धता 30–35% तक घट गई।
इंडिगो, जिसके पास रोज़ाना 2100+ उड़ानें हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हुई।
आज इंडिगो घरेलू एयरलाइन मार्केट में सबसे बड़ी कंपनी है, जिसकी हिस्सेदारी 62% से भी ज्यादा है, रोजाना 2,100 से अधिक फ्लाइट्स उड़ान भरती हैं और कंपनी में 39,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं।
6 वर्ष पुरानी कानूनी लड़ाई जिसने आज इंडिगो को झटका दिया
यह मामला आज का नहीं है, इसकी जड़ 2019 में है।
चरण–दर–चरण विवाद का पूरा टाइमलाइन
2019 पायलट यूनियनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाख़िल, नियम ‘अत्यधिक कठोर’ और ‘असुरक्षित’ बताए
8 जनवरी 2024 डीजीसीए ने नए संशोधित नियम जारी
जून 2024 एयरलाइंस ने कहा—इतने पायलट नहीं हैं, नियम लागू हुए तो विमान खड़े हो जाएंगे
2024–25 डीजीसीए ने नियम लागू करने की समयसीमा टाल दी
पायलट यूनियन फिर कोर्ट पहुंची एयरलाइंस को ‘अनुचित छूट’ का आरोप
20 फरवरी 2025 डीजीसीए ने कोर्ट में कहा — 15 नियम 1 जुलाई 2025 से, बाकी 7 नियम 1 नवंबर 2025 से लागू होंगे
24 फरवरी 2025 हाईकोर्ट ने डीजीसीए की चरणबद्ध पॉलिसी मंजूर की
1 जुलाई 2025 साप्ताहिक आराम 48 घंटे अनिवार्य
1 नवंबर 2025 नाइट ड्यूटी नियम और सख्त — 6 → 2 नाइट लैंडिंग
7 अप्रैल 2025 कोर्ट ने डीजीसीए के लिखित वादे के आधार पर केस बंद किया
18 नवंबर 2025 यूनियन ने फिर आरोप लगाया, एयर इंडिया व स्पाइसजेट को गुप्त छूट दी गई
अभी भी मामला पूरी तरह शांत नहीं है।
कोर्ट ने 18 नवंबर को पूछा — क्या आपके पास नियमों की जानबूझकर अवमानना के सबूत हैं?
अगली सुनवाई में यह मुद्दा फिर भड़क सकता है।
सबसे ज्यादा नुकसान किसका? — आम जनता
कानूनी लड़ाई, सरकारी नियम और कॉरपोरेट हितों के बीच सबसे बड़ा नुकसान यात्रियों का:
टिकट महंगे
फ्लाइट लगातार रद्द
पायलटों की भारी कमी
रिफंड–रीबुकिंग में अत्यधिक देरी
यात्रियों के फ्रेश शेड्यूल पर संकट
अगले 10 दिनों की संभावनाएं विशेषज्ञों के अनुसार;
10–12 दिसंबर तक राहत के आसार
क्रिसमस–न्यू ईयर सीजन में किराए बढ़ सकते हैं
पायलटों की कमी पूरी होने तक कई महीने अस्थिरता जारी हो सकती है
नए FDTL नियम पायलटों की थकान और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद ज़रूरी हैं,
लेकिन बिना पर्याप्त तैयारी, बिना अतिरिक्त पायलट भर्ती और बिना चरणबद्ध क्रियान्वयन के ये लागू कर दिए गए और उसकी कीमत राष्ट्र की सबसे बड़ी एयरलाइन व यात्रियों को चुकानी पड़ रही है।
कोर्ट – डीजीसीए – एयरलाइंस – पायलट यूनियन के बीच रस्साकशी अभी भी जारी है।
और जब तक यह संघर्ष खत्म नहीं होता, आसमान में अस्थिरता बनी रहेगी।
IndiGo एयरलाइन के बारे में जानें
IndiGo की शुरुआत 2005 में तब हुई, जब राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर एक नई एयरलाइन खड़ी करने का फैसला किया, भाटिया भारत में बिजनेस और एविएशन सर्विसेज समझने के लिए जाने जाते थे, जबकि गंगवाल के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर US एयरवेस और यूनाइटेड एयरलाइन्स जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने का तजुर्बा था, दोनों की सोच थी कि भारत में ऐसी एयरलाइन बनाई जाए जो समय पर उड़ान चलाए, किराया कम रखे और यात्रियों को बिना झंझट 24×7 सेवा दे। अभी के समय में राहुल भाटिया कंपनी के सह-संस्थापक होने के साथ-साथ इसके प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं।