
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल देने वाली बड़ी लापरवाही सामने आई। एक दिसंबर से शुरू हुए सत्र के बीच विधानसभा की पार्किंग में लगे चंदन के पेड़ों पर बीती रात अज्ञात व्यक्तियों ने आरी चलाकर कटाई की कोशिश की। सत्र के चौथे दिन जब अधिकारी और कर्मचारी परिसर पहुंचे, तो एक चंदन का पेड़ पूरी तरह कटा हुआ मिला, जबकि दो अन्य पेड़ों के तनों पर गहरे कटाव के निशान थे।
विधानसभा परिसर में साल भर 24 घंटे सुरक्षा रहती है और सत्र के दौरान यह और सख्त हो जाती है। करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद पेड़ों की कटाई होना सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे पहले भोपाल में डीएफओ ऑफिस के बाहर भी चंदन के पेड़ों की कटाई की घटना सामने आ चुकी है। इसके बाद अब विधानसभा परिसर की घटना ने वन सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, संबंधित अधिकारी घटना की जांच की तैयारी में जुट गए। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर दोषियों की पहचान की जाएगी। वन विभाग और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
इस घटना पर पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब विधानसभा जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में चंदन के पेड़ सुरक्षित नहीं, तो प्रदेश का कानून-व्यवस्था क्या हाल होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सुरक्षा की बजाय अवैध वसूली में अधिक सक्रिय है। बच्चन ने सिवनी के हवाला रैकेट में थाना प्रभारी से लेकर एसडीओपी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की नाक के नीचे माफिया फिर सक्रिय हो चुके हैं, जिसका ताजा उदाहरण विधानसभा में पेड़ काटने की घटना है। घटना ने सुरक्षा प्रणाली और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।