
‘
इंदौर। शहर में फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर एक सीनियर सिटीजन से 40 लाख 70 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के फरार आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और ठगी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
क्राइम ब्रांच के अनुसार 71 वर्षीय रिटायर्ड इंदौर निवासी फरियादी ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 3 अक्टूबर 2024 को सुबह करीब 10 बजे उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि मुंबई स्थित केनरा बैंक से उनके नाम पर 2 करोड़ 60 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ है और मामले में जांच चल रही है।
फर्जी दस्तावेज भेजकर पीड़ित को डराया
आरोपियों ने खुद को पुलिस और सीबीआई से जुड़ा बताते हुए कोर्ट के फर्जी आदेश और दस्तावेज भेजकर पीड़ित को डराया। गिरफ्तारी का भय दिखाकर उनसे एफडी तुड़वाकर अलग-अलग किश्तों में कुल 40.70 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले से जुड़े 23 बैंक खाते फ्रीज
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस मामले में पहले सूरत निवासी हिम्मत भाई देवानी और कच्छ निवासी अतुल गिरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब फरार आरोपी पीयूष परमार को भी सूरत से पकड़ लिया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गैंग के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनके जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस ने अब तक इस मामले से जुड़े 23 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
