
इंदौर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार अलसुबह से ही शहर ‘हर-हर महादेव’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव के प्रतीक इस पर्व पर शहर के शिवालयों में विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक, चार पहर की आरती और भजन-कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, दूध और जल अर्पित कर भोलेनाथ का पूजन करते नजर आए। प्रमुख मंदिरों में लंबी कतारें और आकर्षक सजावट।
शहर के प्रमुख शिवधाम
देवगुराड़िया मंदिर, भूतेश्वर मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, कपलेश्वर महादेव मंदिर, खजराना गणेश मंदिर और नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई मंदिरों में बर्फ से निर्मित शिवलिंग का विशेष अलंकार किया गया, वहीं रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया।
देवगुराड़िया में तीन दिवसीय मेले की शुरुआत
देवगुराड़िया में महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन दिवसीय मेले की शुरुआत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। पुलिस बल और स्वयंसेवक पूरे समय व्यवस्था संभालते नजर आए।
प्रसाद और ठंडाई की रौनक
महाशिवरात्रि पर भांग और ठंडाई की दुकानों पर भी विशेष रौनक देखने को मिली। मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं के लिए साबूदाना खिचड़ी, फलाहार और ठंडाई का वितरण किया गया। दोपहर से लेकर देर रात तक महाआरती, रुद्राभिषेक और शिव बारात जैसे आयोजन भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए।
विभिन्न क्षेत्रों में विशेष आयोजन
समाजवादी इंदिरा नगर स्थित गणेश चौक के गणेश मंदिर में बप्पा का शिव स्वरूप में विशेष अलंकार किया गया और ठंडाई वितरण का आयोजन हुआ। जीएनटी मार्केट मेन रोड पर खिचड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। महू नाका स्थित जग्तेश्वर महादेव मंदिर में आकर्षक साज-सज्जा की गई और श्रद्धालुओं को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं जीएनटी मार्केट तोल कांटे पर बर्फ से बने शिवलिंग का विशेष श्रृंगार किया गया, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
आस्था, उत्सव और उल्लास का अनूठा संगम
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूरा इंदौर आस्था, उत्सव और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया। मंदिरों में उमड़ी भीड़, गूंजते जयकारे, सजावट की छटा और प्रसाद वितरण ने शहर को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने दिनभर उपवास रखकर और रात्रि जागरण कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
