
रांची। सोमवार रात झारखंड के रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मरीज संजय कुमार सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई। संजय कुमार करीब 65% तक जल गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। पायलट, डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ भी विमान में सवार थे। यह हादसा भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक और बड़ा झटका है। इससे पहले जून 2025 में अहमदाबाद में एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं पिछले महीने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को ले जा रहा लियरजेट 45 विमान भी हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी।
सिमरिया जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त
यह चार्टर्ड विमान रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से रात 7:11 बजे रवाना हुआ था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मुताबिक, विमान का कोलकाता एटीसी से संपर्क रात 7:34 बजे टूट गया। रडार से भी इसका सिग्नल गायब हो गया। उस समय विमान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व दिशा में था। कुछ समय बाद पुष्टि हुई कि विमान चतरा के सिमरिया जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
रेडबर्ड एयरवेज संचालित कर रही थी उड़ान
डीजीसीए के अनुसार, यह बीचक्राफ्ट सी90 विमान दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर तकनीकी जांच में जुट गई।
खराब मौसम की आशंका
शुरुआती जानकारी के अनुसार, खराब मौसम दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के समय इलाके में तेज हवाएं चल रही थीं, भारी बारिश हो रही थी और बिजली कड़कने के साथ तेज गर्जना हो रही थी। रांची एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने भी कहा कि मौसम एक वजह हो सकता है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
क्रैश के संभावित कारणों पर अटकलें
अमेरिका की वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी से जुड़े रहे रिटायर्ड आईटी इंस्ट्रक्टर जी. साउंडर्स के अनुसार, अगर किसी विमान में विस्फोट के साथ आग का गोला दिखाई दे और जलता मलबा बिखरे, तो संभव है कि इंजन फेल हुआ हो और टरबाइन के हिस्से ईंधन टैंक से टकरा गए हों।
संभावित कारणों में ये बिंदु भी शामिल
– क्या विमान में लगे भारी चिकित्सा उपकरण या लोडिंग असंतुलित थी?
– क्या मरीज की स्ट्रेचर या अन्य उपकरण ठीक से सुरक्षित नहीं थे, जिससे विमान का गुरुत्वाकर्षण केंद्र बिगड़ गया हो?
– क्या अचानक खराब मौसम में विमान अस्थिर हुआ और पायलट नियंत्रण नहीं रख पाया?
– हालांकि, आग के गोले और बिखरे मलबे की पूरी व्याख्या अभी संभव नहीं है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
क्या होती है एयर एंबुलेंस?
सेवलाइफ केयर के अनुसार, एयर एंबुलेंस विशेष रूप से तैयार किया गया विमान या हेलिकॉप्टर होता है, जिसे उड़ान के दौरान आईसीयू सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया जाता है। इसे अक्सर “फ्लाइंग ICU” भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीज को कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले केंद्र तक पहुंचाना होता है।
एयर एंबुलेंस में उपलब्ध सुविधाएं
– एयर एंबुलेंस में सामान्यतः ये सुविधाएं होती हैं:
– वेंटिलेटर
– ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम
– डीफाइब्रिलेटर
– कार्डिएक मॉनिटर
– आपातकालीन दवाएं
– इन विमानों में डॉक्टर, क्रिटिकल केयर नर्स, पैरामेडिक्स और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद रहते हैं, जो उड़ान के दौरान मरीज की निगरानी और उपचार कर सकते हैं।
फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों का इंतजार है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह त्रासदी खराब मौसम, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से हुई।
