
इंदौर। अप्रैल से लागू होने वाली प्रॉपर्टी की नई कलेक्टर गाइडलाइन से पहले प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। पंजीयन विभाग शहर में मौजूद लोकेशनों की संख्या कम करने की कवायद कर रहा है, ताकि रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक आसान और व्यवस्थित बनाया जा सके। वर्तमान में शहर में 4840 लोकेशन हैं, जिनमें से करीब 350 को कम करने की योजना बनाई गई है।
सूत्रों के अनुसार आसपास की 533 लोकेशनों को मर्ज कर एक समान दर तय की जाएगी। इसके तहत तीन से चार कॉलोनियों को मिलाकर एक नई लोकेशन बनाई जाएगी। इससे एक ही क्षेत्र में अलग-अलग दरों की समस्या खत्म होगी और रजिस्ट्री के दौरान होने वाली दिक्कतें भी कम होंगी। कई बार पास की कॉलोनियों की अलग लोकेशन होने से दस्तावेज गलत स्थान पर पंजीकृत हो जाते हैं, जिससे राजस्व हानि और विवाद की स्थिति बनती है।
सबसे अधिक वृद्धि बाहरी इलाकों में
विभाग के अनुसार 2026-27 की प्रस्तावित गाइडलाइन में जिले की करीब तीन हजार लोकेशनों पर 10 से 170 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। सबसे अधिक वृद्धि शहर के बाहरी इलाकों और प्रमुख सड़कों से जुड़े क्षेत्रों में प्रस्तावित है। ग्रीन फील्ड सड़क से प्रभावित करीब 20 गांवों में 20 से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ पंजीयक अमरेश नायडू के अनुसार भविष्य में जिले में लोकेशन की संख्या घटाकर करीब तीन हजार करने की योजना बनाई गई है, ताकि गाइडलाइन अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सके।