
भोपाल । भोपाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) की विशेष शाखा में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर अपनी सहेली के घर से दो लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन चोरी करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। घटना के बाद से डीएसपी फरार हैं। जहांगीराबाद थाना पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 380 (गृहभेदन कर चोरी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, वहीं पुलिस मुख्यालय ने भी उन्हें पदावनत कर नोटिस जारी किया है।
मामला कैसे उजागर हुआ
जहांगीराबाद निवासी प्रमिला (प्रवीण) तिवारी, जो एलआईसी एजेंट हैं, ने शिकायत में बताया कि उन्होंने बेटी की कोचिंग फीस के लिए अपने पिता से मिले दो लाख रुपये घर के बैग में रखे थे। 24 सितंबर की शाम जब वह नहा रही थीं, उसी दौरान उनकी सहेली डीएसपी कल्पना रघुवंशी घर का दरवाजा खुला देखकर अंदर घुसीं और महज 40 सेकंड बाद बाहर निकल गईं।
बाद में प्रमिला ने जब नकदी और मोबाइल गायब देखा, तो उन्होंने अपने घर के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में डीएसपी कल्पना को नोटों की गड्डी हाथ में लेकर बाहर निकलते हुए साफ देखा गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस कार्रवाई और विभागीय जांच
जहांगीराबाद थाना प्रभारी के अनुसार, “महिला डीएसपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। चोरी हुआ मोबाइल बरामद कर लिया गया है, लेकिन दो लाख रुपये की नकदी अभी तक नहीं मिली है। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं।”
वहीं, डीसीपी जोन-1 आशुतोष गुप्ता ने बताया “जांच जारी है। तथ्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।”
सूत्रों के मुताबिक, PHQ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है और आरोपी अधिकारी को सेवा नियमों के तहत नोटिस भेजा गया है।
छह साल पुरानी दोस्ती, बना अविश्वास का कारण
पीड़िता प्रमिला ने बताया कि कल्पना रघुवंशी से उनकी जान-पहचान करीब छह साल पुरानी है। प्रमिला ने कभी उनकी मां का राशन कार्ड बनवाने में मदद की थी, जिसके बाद दोनों के बीच पारिवारिक संबंध बन गए थे। बीते आठ महीने से दोनों एक-दूसरे के घर आने-जाने लगी थीं।
इस घटना ने भोपाल पुलिस में ईमानदारी और अनुशासन की छवि पर सवाल खड़ा कर दिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक “यह मामला बताता है कि कानून किसी के लिए अपवाद नहीं बन सकता, चाहे वह डीएसपी स्तर की अधिकारी ही क्यों न हों।”
बहरहाल भोपाल की यह घटना न केवल पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का विषय बनी है, बल्कि यह इस बात की भी याद दिलाती है कि पद और प्रतिष्ठा के बावजूद कानून सबके लिए समान है।
अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या आरोपी महिला डीएसपी जल्द गिरफ्तार होंगी या विभागीय कार्रवाई से ही मामला सिमट जाएगा।