


विक्रम सेन
नई दिल्ली। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल इन दिनों वॉशिंगटन पहुंचा है, जहां उसने भारत की उन्नत तकनीक और सैन्य तैयारियों के आगे अपनी बुरी हालत का जिक्र करते हुए अमेरिकी हथियारों की मांग की। पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री मुसादिक मलिक ने अमेरिका से उन्हें वायु रक्षा प्रणाली और लड़ाकू विमान देने का आग्रह किया है।
मलिक का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘भारत 80 फाइटर जेट के साथ आया था, हर जेट में 5 मिसाइलं थीं इनमें से कुछ परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। 400 मिसाइलें… आप सोच सकते हैं कि हमारा क्या होता। अगर हमारे पास वायु रक्षा प्रणाली नहीं होती, तो हम मलबे में दबे होते।’
मलिक ने आगे कहा, ‘भारत जो तकनीक इस्तेमाल कर रहा है, वो बहुत एडवांस है। इसलिए हम कहते हैं कि लाओ, वे तकनीकें हमें दो। हम उन्हें आपसे खरीद लेंगे।’
उन्होंने कुबूल किया कि भारत ने अपनी ब्रह्मोस मिसाइल दागी, जिसने रावलपिंडी के हवाई अड्डे समेत पाकिस्तान के कई प्रांतों को निशाना बनाया।
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में 13 सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन में है, जो अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों से बातचीत के लिए गया है। केंद्रीय मंत्री मलिक इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा है।
पाकिस्तान ने भी भारत की नकल करते हुए बिलावल भुट्टो की अगुवाई में अपना एक डेलिगेशन विदेश दौरे पर भेजा है।
आतंकवाद के अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव के बीच पाकिस्तान ने भी एक अन्य टीम मास्को भेजी है, जो वैश्विक जांच तेज होने के मद्देनजर अपनी स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश में कई मुल्कों का दौरा कर रही है। हालांकि भारत ने पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब किया है और आतंकवाद के समर्थन देने वाले मुल्क की पोल खोलकर रख दी है।
पाकिस्तान की खुली पोल
मलिक के बयान ने पाकिस्तान की पोल खोल दी है। एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने देश के लोगों के सामने जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं उनकी कैबिनेट के मंत्री अमेरिका से मदद मांग रहे हैं। शहबाज शरीफ ने तो हद ही कर दी और इस सैन्य टकराव के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल की उपाधि से नवाज दिया।
जबकि अमेरिकी अधिकारीयो के सामने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने कबूल किया है कि भारत का हमला बहुत बड़ा था और उसे भारी नुकसान हुआ।
विदित हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहबाज शरीफ ने रावलपिंडी समेत पाकिस्तानी धरती पर भारतीय हमलों की पुष्टि पाकिस्तान की संसद में की थी।
उल्लेखनीय हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया है। पहले भारत ने पाकिस्तान और पीओके में सैन्य कार्रवाई करते हुए 9 आतंकी अड्डों को तबाह किया और फिर बाद में पाकिस्तान के हमलों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके 11 सैन्य ठिकानों को भी नुकसान पहुंचाया।
8 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के लाहौर में एक सैन्य अड्डे पर तैनात वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर दिया. यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश के जवाब में की गई. सरकार ने कहा कि भारतीय सेना ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके पाकिस्तान में कई स्थलों पर हमला किया।
भारत के एयर डिफेंस और सैन्य पराक्रम के आगे पाकिस्तान पूरी तरह से सरेंडर हो गया और उसे मुंह की खानी पड़ी। ऐसे में अब हथियारों की खरीद के लिए पड़ोसी देश ने अमेरिका के आगे गुहार लगाई है।