
कुक्षी (धार)। एक सीमेंट कंपनी के लिए चूना खदान के सर्वे और ड्रिलिंग कार्य की शुरुआत करने एक कंपनी और प्रशासन की एक टीम बुधवार को दोपहर में ग्राम तलवाडी पहुंची थी। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और सर्वे का विरोध शुरु किया। ग्रामीणों की भीड आक्रोशित हो गई तथा मशीनों में तोड़फोड़ शुरु कर दी। प्रशासन की टीम ने समझाइश की कोशिश की, किंतु ग्रामीणों का विरोध ने थोडी देर में ही विकराल रुप ले लिया।
राजस्व और पुलिस पर हमला
अचानक बडी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए व वाहनों पर पथराव कर दिया। राजस्व विभाग की एक गाडी पर पथराव के कारण कांच क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण विभाग का अमला वाहन को छोडकर ही मौके से भाग निकले। ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसमें पुलिस जवान अपनी जान बचाकर भागते हुए नजर आ रहे है। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया।
लाइम स्टोन सर्वे का भारी विरोध
राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी द्वारा लाइम स्टोन खोज कार्य की शुरुआत बुधवार से बाग ब्लॉक के ग्राम टकारी से की गई। कंपनी से जुडे लोग ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन की सैपलिंग के लिए पहुंची थी। कंपनी से जुडे लोगों ने गांव की जमीन पर मशीने लगाकर सर्वे शुरु करने की तैयारी की, इसी बीच ग्रामीण मौके पर पहुंचे व सर्वे का विरोध करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि ग्रामसभा की अनुमति लिए बगैर की कंपनी जबरदस्ती काम शुरु कर रही हैं। इधर विरोध के बाद कंपनी के लोग वाहनों को मौके पर ही छोडकर गांव से दूर हो गए। विरोध की सूचना पर तहसीलदार सहित कुक्षी पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी।
विरोध की आशंका पहले से
विरोध की आशंकाओं के चलते पुलिस व प्रशासन की टीम पहले ही तैयारी करके गई थी। 8 थानों का पुलिसबल पहले ही कुक्षी बुला लिया गया था, ताकि कंपनी को सुरक्षा प्रदान कर ड्रिलिंग कार्य शुरू कराया जा सके। जैसे ही ड्रिलिंग मशीन खेत में खड़ी की गई, बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं पारंपरिक हथियारों और नारों के साथ सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बीच सड़क पर बैठकर पुलिस के काफिले को रोक दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
जयस ने दी चेतावनी
मशीनों के कार्य शुरु होने की सूचना पर जयस पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। जयस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने पूर्व में ग्राम मोगरा में ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि बिना जन-सहमति के कोई कार्य नहीं होगा, फिर भी पुलिस बल के दम पर ड्रिलिंग की कोशिश क्यों की गई। बघेल ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जल-जंगल-जमीन की इस लड़ाई को कानूनी दायरे में रहकर लड़ें।
खाली हाथ लौटे
धार जिले के कुक्षी, बाग और आलीराजपुर जिले के जोबट ब्लॉक के कई गांवों में चूना पत्थर की खोज का विरोध पिछले कई महीनों से चल रहा है। पिछले महीने हुए चक्का जाम के बाद प्रशासन ने शांति का आश्वासन दिया था। लेकिन, बुधवार को फिर बवाल हो गया। ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन कंपनी को देने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों के आक्रोश के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा और बिना कार्य किए ही वापस लौटना पड़ा। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घंटों चली गहमागहमी के बाद पूरी टीम को ग्राम खेड़ली से खाली हाथ लौटना पड़ा।
इनका कहना हैं
कुक्षी के एसडीएम प्रमोद गुर्जर का कहना है कि कुक्षी डिवीजन के ग्राम खेडली में कंपनी द्वारा सैंपलिंग कार्य किया जा रहा था, नियम अनुसार सैपलिंग हो रही थी। आसपास गांवों के ग्रामीण एकत्रित हुए थे, प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची व ग्रामीणों को समझाईश दी गई। ग्रामीणों को लिखित में आपत्ति देने के लिए कहा गया हैं, जिस स्थान से निराकरण संभव होगा, वहां से निराकरण कराया जाएगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया हैं, कोई जनहानि नहीं हुई है।

