

मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर फिल्म ‘शतक : संघ के 100 वर्ष’ दर्शकों के बीच आने के लिए तैयार है। 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही यह फिल्म केवल एक संगठन का इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र-प्रथम की भावना और एक सदी के संघर्ष की गाथा है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही चर्चा में है, जिसमें अभिनेता अजय देवगन की दमदार आवाज ने देशभक्ति का एक नया जोश भर दिया है।
त्याग और संघर्ष की अनकही कहानी
यह फिल्म 27 सितंबर 1925 को डॉ केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा शुरू किए गए एक छोटे से स्वयंसेवी आंदोलन से लेकर आज के विशाल वटवृक्ष बनने तक की यात्रा को समेटे हुए है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि कैसे अनुशासन और सेवा के दम पर स्वयंसेवकों ने समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया। अजय देवगन की आवाज फिल्म की गंभीरता और भावनात्मक गहराई को और बढ़ा देती है, जिससे दर्शक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं।
वैचारिक आधार और ऐतिहासिक दस्तावेज
‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उन धारणाओं और गलतफहमियों का जवाब भी है जो समय-समय पर संघ को लेकर बनाई गईं। फिल्म का आधार संघ की आधिकारिक किताबें और दस्तावेज हैं। यह ‘गुरुजी’ एमएस गोलवलकर के उन विचारों को प्रमुखता से दिखाती है, जिन्होंने संघ को ‘समय की तरह अटूट’ बनाया। फिल्म के जरिए उन ऐतिहासिक घटनाओं और योगदानों को सामने लाने की कोशिश की गई है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के विमर्श में जगह नहीं मिली।
एआई तकनीक और आधुनिक प्रस्तुति का संगम
फिल्म की मेकिंग को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा है। जहाँ कुछ यूजर्स ट्रेलर देखकर भावुक हो रहे हैं, वहीं कुछ इसकी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक के इस्तेमाल को लेकर उत्सुकता जता रहे हैं। निर्माता वीर कपूर और सह-निर्माता आशीष तिवारी ने इस फिल्म को तकनीकी रूप से काफी भव्य बनाया है। यह एक पारंपरिक डॉक्यूमेंट्री के बजाय एक जीवंत अनुभव की तरह पेश की गई है, जो राष्ट्रवाद और जिज्ञासा का मिश्रण है।
क्रिएटिव टीम और विजन
फिल्म की परिकल्पना अनिल डी अग्रवाल ने की है, जबकि निर्देशन आशिष मल्ल का है। ‘अदा 360 डिग्री एलएलपी’ और पैनोरमा के सहयोग से तैयार यह प्रोजेक्ट उन अनगिनत गुमनाम स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। अजय देवगन ने भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने को गर्व की बात बताया है और संघ के 100 वर्षों के योगदान की सराहना की है।
एक विचार की मजबूती
‘शतक’ यह साबित करने की कोशिश करती है कि कोई भी विचार समय के साथ तब और अधिक सशक्त होता है जब उसकी जड़ें सेवा और एकता में हों। 20 फरवरी को रिलीज होने वाली यह फिल्म इतिहास के शौकीनों और राष्ट्रभक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हो सकती है।
