
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से लगातार बढ़ रही मौतों ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया। मौतों का आंकड़ा बढ़ने के बाद कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को घेरते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने इस गंभीर हादसे की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ और राज्य की आर्थिक राजधानी माना जाता है। लेकिन, उसी शहर में 20 लोगों की दूषित पानी पीने से मौत होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में जब मौतें कम थीं तब जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं थी। जैसे ही आंकड़ा बढ़ा तो जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने का खेल शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार शहर आते हैं, लेकिन सिर्फ मुआवजा देकर चुप क्यों हो जाते हैं? कुछ ट्रांसफर और मुआवजे से शहर का कलंक नहीं धुल सकता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर कलेक्टर और महापौर के संघ कार्यालय जाने पर तीखा ऐतराज उठाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा कलेक्टर नहीं चाहिए, जो भाजपा या आरएसएस कार्यालय में हाजिरी लगाए। पटवारी ने आरोप लगाया कि जहरीले पानी की वजह से इंदौर को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है, जो शहर की गौरवशाली पहचान पर दाग है। कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन और राजनीतिक दबाव जारी रहेगा।