
इंदौर। लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित सेटेलाइट जंक्शन में रहने वाले कन्हैया लाल परनवाल और उनकी पत्नी स्मृति का शव मिलने के बाद शुक्रवार को दोनों का पोस्टमार्टम किया गया। परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार करने के बाद शहर की दो सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर दंपत्ति का अंतिम संस्कार कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस के अनुसार, कन्हैयालाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी थे। वे चार भाइयों में से एक थे और कई साल पहले पत्नी के साथ इंदौर आकर बस गए थे।
दंपत्ति न तो पड़ोसियों से ज्यादा मेलजोल रखते थे और न ही परिवार से उनका नियमित संपर्क था। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को एक डायरी मिली, जिसमें कन्हैयालाल के बड़े भाई का फोन नंबर दर्ज था। पुलिस ने उन्हें सूचना देकर इंदौर आने को कहा, लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया और पुलिस से ही अंतिम संस्कार कराने को कहा।
15 दिन पहले मौत की आशंका
पुलिस के अनुसार, दंपत्ति की मौत करीब 15 दिन पहले हुई होने की आशंका है। शव घर में ही मिले थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कन्हैया लाल लकवाग्रस्त थे। आशंका है कि पहले उनकी पत्नी की मौत हुई और बाद में कन्हैया लाल मदद न मिल पाने के कारण चल बसे। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दोनों के मोबाइल घर में मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए चालू किया जा रहा है। साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि अंतिम समय की स्थिति का पता चल सके। पुलिस का कहना है कि दंपत्ति के कोई बच्चे नहीं थे और वे मानसिक तनाव में रहते थे। इसी वजह से सामाजिक संपर्क भी सीमित था। पूरे मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।