
इंदौर। तीन दशकों से धार जिले के वासी जिस रेल सेवा का सपना देख रहे थे, वह अब साकार होने की कगार पर है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत इंदौर से धार के बीच रेल ट्रैक का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया। कुल 64 किमी के इस सेक्शन में लगभग 56 किमी में फाइनल ट्रैक तैयार हो चुका है। जबकि, शेष 8 किमी में तेजी से काम चल रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मार्च 2026 तक इंदौर से धार के बीच ट्रैक पूरा कर ट्रायल के बाद ट्रेन संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
धार में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन से इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन स्थित आरओबी तक करीब तीन किमी में पटरी बिछाई जा रही है। इसके लिए विशेष मशीनों और मॉडिफाइड ट्रकों की मदद ली जा रही है, वहीं बड़ी संख्या में मजदूर भी कार्य में जुटे हैं। शहर के नौगांव क्षेत्र से गुणावद के बीच जहां कुछ हिस्सों में काम शेष था, उसे भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
रतलाम रोड रेलवे क्रॉसिंग इस परियोजना की बड़ी बाधा थी। यहां पुराने ओवरब्रिज को हटाकर नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसी दौरान सड़क के बीचों बीच रेलवे पटरी बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे का कहना है कि यदि फ्लाईओवर बनने में कुछ समय भी लगता है, तब भी ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि, यातायात को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है।
तीन स्टेशन बनकर तैयार
इंदौर से धार के बीच पीथमपुर, गुणावद और धार तीनों स्टेशन लगभग तैयार हो चुके हैं। रेलवे का दावा है कि दिसंबर के अंत तक इनका कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं परियोजना के दूसरे चरण में धार से सरदारपुर के बीच भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण कार्य धीमा है। इसके बावजूद रेलवे का पूरा फोकस फिलहाल इंदौर-धार रेल कनेक्टिविटी को जल्द शुरू करने पर है, ताकि सिहस्थ 2028 से पहले धार को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
