
इंदौर। सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता, उचित मानक और पूर्ण रूप से शुद्ध खाद्य सामग्री प्राप्त हो। खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों पर सख्ती हो और स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर ध्यान दिया जाए। यह कार्रवाई लगातार अभियान चलाकर की जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मिलावटखोरों पर अब तक दर्ज मामलों के साथ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि जिले में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण एवं नमूना कार्यवाही की जा रही है। एफएसएसएआई द्वारा प्रदत्त आरबीआईएस निरीक्षण के अनुसार हाई रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। गत एक जुलाई से अभी तक 576 निरीक्षण किए तथा 1392 नमूनों को जांच के लिए लिया गया। दूध एवं दुग्ध उत्पाद के कुल 236 नमूने लिए गए। बताया गया कि संबंधित आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। नमूनों के विश्लेषण की प्रक्रिया जारी है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

स्ट्रीट फूड वेंडर्स की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए
कलेक्टर ने कहा कि इंदौर भोजन और स्ट्रीट फूड संस्कृति के लिए प्रसिद्ध शहर है। इसलिए जरूरी आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को उचित मानक और उच्च गुणवत्ता वाला खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से जिले में कार्रवाई के साथ-साथ अवेयरनेस गतिविधियों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फूड सेफ्टी के मानकों की जानकारी सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स तक पहुंचाई जाए। शहर के हर स्ट्रीट वेंडर को उचित गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ट्रेनिंग, जागरूकता कार्यक्रमों और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि
बैठक में यह भी बताया गया कि मिलावट के मामलों में कई स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गई है और भविष्य में भी निरंतर निगरानी तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर ने कहा कि जिले की अगली कार्ययोजना में स्ट्रीट वेंडर्स की क्षमता वृद्धि और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी। बैठक में बताया गया कि ईट राइट चैलेंज-4 डैशबोर्ड की वर्तमान स्थिति के अनुसार इंदौर पूरे देश मे प्रथम स्थान पर है। इसके पूर्व भी ईट राइट चैलेंज-1 एवं ईट राइट चैलेंज-3 में भी इंदौर पूरे देश में प्रथम स्थान पर रहा है।
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आसान
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं मानकों से संबंधित शिकायतों के लिए दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। अब कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायतें सीधे इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं । यह सुविधा कलेक्टर के निर्देश पर प्रारंभ की गई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 0731-181 तथा 0755-2840621 है। इन नंबरों पर कॉल कर उपभोक्ता खाद्य पदार्थों में मिलावट, गुणवत्ता में कमी, निर्धारित मानकों के उल्लंघन या किसी भी तरह की अनियमितता की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।
