
इंदौर। कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी है। इंदौर समेत कई जिलों में पारा 5 डिग्री के आसपास चल रहा है। जिस ठंड से उत्तर-मध्य भारत का यह हिस्सा ठिठुरता था, इस बार वह भोपाल, इंदौर मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में महसूस की जा रही है। रात होते ही भोपाल के पारे में गिरावट होती है, सर्दी के इस सीजन के 72 दिन पूरे हो चुके है। लेकिन, ग्वालियर चंबल संभाग में वह कड़ाके वाली ठंड अभी तक नहीं आई, जो हर साल दिसंबर में दस्तक देती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 25 साल बाद सर्दी का प्राकृतिक ट्रैक बदल गया है।
पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर से होकर गुजरते हैं, इस बार वे तिब्बत के पठार की ओर शिफ्ट हो गए। उत्तरी हवाएं हिमालय के ऊपरी हिस्से से निकलकर राजस्थान होते हुए सीधे प्रदेश के गध्य हिस्से में पहुंच रही हैं। इस बार यह हवा ग्वालियर-चंबल की ओर मुड़ ही नहीं रही है।
5 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर और शाजापुर जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जब पश्चिमी विक्षोभ होता है तो हल्की सर्दी की बारिश यानी मावठा गिरता है। जिससे तापमान में गिरावट होती है। भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम में बारिश ठंड को तेज करेगी।
भोपाल में रिकॉर्ड टूटा
इस बार सर्दी का जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। भोपाल में ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं, इंदौर में 25 साल बाद कड़ाके की सर्दी पड़ी है। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राजगढ़ में 5.2 डिग्री, नौगांव में 6.4 डिग्री, उमरिया में 6.6 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.2 डिग्री, मंडला में 7.6 डिग्री, रायसेन, शिवपुरी-नरसिंहपुर में 8 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा-खजुराहो में 9 डिग्री, सतना में 9.1 डिग्री, टीकमगढ़-रतलाम में 9.5 डिग्री, दमोह में 9.8 डिग्री और दतिया में 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा।