
भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। पहले फर्जी जाति प्रमाण-पत्र घोटाले ने सुर्खियां बटोरीं, अब विभिन्न विभागों में नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। 2024-2025 में साइबर फ्रॉड से लेकर सरकारी योजनाओं के गबन तक, करोड़ों रुपए के घोटाले उजागर हो चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED), सीबीआई और राज्य STF जैसी एजेंसियां लगातार छापेमारी और जांच कर रही हैं। यहां प्रमुख घोटालों का विवरण है:
1. फर्जी शराब चालान घोटाला (Liquor Challan Scam)
विवरण: मध्य प्रदेश में फर्जी शराब चालान दस्तावेजों के जरिए अवैध NOC और लाइसेंस हासिल किए गए। इससे राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ।
राशि: 70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त।
कार्रवाई: ED ने नवंबर 2025 में कई शहरों में छापेमारी की। आरोपी नकली दस्तावेज बनाकर शराब कारोबार चला रहे थे।
प्रभाव: सरकारी राजस्व पर सीधा डाका।
2. जल जीवन मिशन घोटाला (Jal Jeevan Mission Scam)
विवरण: पानी पहुंचाने की योजना में ठेकेदारों को बिना वेरिफिकेशन के भुगतान। कई जगह पाइपलाइन बिछी ही नहीं, फिर भी करोड़ों का बिल।
राशि: हजारों करोड़ का संदिग्ध गबन।
कार्रवाई: जुलाई 2025 में जांच के आदेश। संपतिया उइके पर FIR।
प्रभाव: ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी बनी रही, जबकि पैसा लुटा।
3. 73 फर्जी कंपनियों से मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला
विवरण: भोपाल में 73 फर्जी कंपनियां बनाकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 1266 करोड़ का लोन लिया। टर्नओवर को 100 गुना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
राशि: 1266.63 करोड़ का नुकसान।
कार्रवाई: अगस्त 2025 में CBI FIR पर ED छापेमारी। सरकारी अफसरों की संलिप्तता।
प्रभाव: बैंकिंग सिस्टम पर सवाल, NPA बढ़ा।
4. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) घोटाला
विवरण: विश्वविद्यालय के फंड में अनियमितताएं, छात्रों की सुविधाओं पर असर।
राशि: 10.77 करोड़ की संपत्तियां अटैच।
कार्रवाई: मार्च 2025 में ED ने चल-अचल संपत्तियां जब्त कीं। CAG रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि।
प्रभाव: इंजीनियरिंग छात्रों का भविष्य प्रभावित।
5. वेतन घोटाला (Salary Scam)
विवरण: 50,000 ‘घोस्ट’ कर्मचारियों के नाम पर सैलरी का गबन। 6 महीने से वेतन नहीं मिला, लेकिन कोड मौजूद।
राशि: 230 करोड़।
कार्रवाई: जून 2025 में 6,000 DDOs को वेरिफिकेशन का आदेश। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने ‘नियम अनुसार’ कहा।
प्रभाव: 40,000 रेगुलर और 10,000 टेम्पररी स्टाफ प्रभावित।
6. मिड-डे मील घोटाला (Mid-Day Meal Scam)
विवरण: 8 जिलों में योजना में फर्जीवाड़ा, बच्चों को पोषण के नाम पर धोखा।
-राशि: 500 करोड़।
कार्रवाई: नवंबर 2025 में CAG रिपोर्ट। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ‘मिड-डे डील’ कहा।
प्रभाव: स्कूली बच्चों की सेहत पर खतरा।
7. शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा (Teacher Recruitment Scam)
विवरण: STF ने 34 शिक्षकों पर FIR। डीएड फर्जी मार्कशीट और सॉल्वर गैंग।
राशि: अज्ञात, लेकिन बड़े पैमाने पर।
– कार्रवाई: नवंबर 2025 में 16 और नाम जोड़े। STF SP राजेश भदौरिया की अगुवाई।
प्रभाव: योग्य उम्मीदवारों का हक मारा।
8. **साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट घोटाले**
विवरण: OTP, सोशल मीडिया, निवेश फ्रॉड। इंदौर में 10,000 शिकायतें।
राशि: 2024 में 149 करोड़ नुकसान; 2021-2025 तक 1,054 करोड़।
कार्रवाई: 968 गिरफ्तारियां। क्राइम ब्रांच ने 17 को पकड़ा (1.60 करोड़ का केस)।
प्रभाव: युवाओं पर सबसे ज्यादा असर, रिकवरी मात्र 0.2%।
9. व्यापमं घोटाला (Vyapam Scam) – पुराना लेकिन नया मोड़
विवरण: मेडिकल एंट्रेंस में फर्जीवाड़ा। 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी।
राशि : 2,000 करोड़ से अधिक।
कार्रवाई : मई 2025 में 11 दोषी, 3 साल कैद। CBI को क्लीन चिट पर सवाल।
ये घोटाले मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। ED और CBI की कार्रवाइ जारी हैं।