
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको की सेना ने देश के सबसे शक्तिशाली ड्रग माफिया सरगना और अमेरिका के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ ‘एल मेनचो’ को एक विशेष सैन्य अभियान में मार गिराया। यह कार्रवाई मेक्सिको में संगठित अपराध के खिलाफ पिछले एक दशक की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मेंचो जलिस्को में हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गया था। हेलीकॉप्टर से मेक्सिको सिटी ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई।
अमेरिकी सरकार के विदेश विभाग ने मेंचो की गिरफ्तारी में मदद करने पर 15 मिलियन डॉलर यानि क़रीब 136 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। बताया जा रहा हैं कि मेंचो के ड्रग की वजह से अमेरिका में करीब 70000 लोग हर साल मर जाते हैं। अमेरिका ने मेक्सिको के जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) को आतंकी संगठन भी घोषित कर रखा था। जिसका मुखिया मेंचो था।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जमीन पर मौजूद ड्रग कार्टेल को खत्म करने की बात कही थी।
ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जो कुख्यात Jalisco New Generation Cartel (CJNG) का संस्थापक और प्रमुख था, की मौत ने पूरे देश में हिंसा की नई लहर को जन्म दे दिया।
ऑपरेशन कैसे हुआ?
मेक्सिको के रक्षा सचिव रिकार्डो ट्रेविला के अनुसार, सेना, नेशनल गार्ड, विशेष बलों और वायुसेना की संयुक्त टीम ने जालिस्को राज्य के दक्षिणी हिस्से में एक गुप्त अभियान चलाया। खुफिया जानकारी ओसेगुएरा की एक करीबी महिला सहयोगी के जरिए मिली थी, जिससे उसके ठिकाने तक पहुंचना संभव हुआ।
घेराबंदी के दौरान जब सैनिकों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसके अंगरक्षकों और गिरोह के सदस्यों ने भारी गोलीबारी शुरू कर दी। मुठभेड़ में आठ कार्टेल सदस्य मारे गए। ओसेगुएरा और उसके दो अंगरक्षक घायल हुए और मेक्सिको सिटी ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
घटनास्थल से रॉकेट लॉन्चर और उन्नत हथियार बरामद हुए, जो हेलीकॉप्टर गिराने और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने में सक्षम बताए गए हैं।
कौन था ‘एल मेनचो’?
59 वर्षीय ओसेगुएरा पश्चिमी राज्य मिचोआकान का मूल निवासी था। 1994 में अमेरिका में हेरोइन तस्करी के आरोप में उसे जेल हुई थी। रिहाई के बाद वह मेक्सिको लौटा और अपराध जगत में तेजी से उभरा।
लगभग 2009 में उसने Jalisco New Generation Cartel की स्थापना की, जो कुछ ही वर्षों में मेक्सिको का सबसे आक्रामक और तेजी से बढ़ने वाला आपराधिक संगठन बन गया।
यह गिरोह कोकीन, मेथाम्फेटामाइन और फेंटानिल की तस्करी के अलावा मानव तस्करी, ईंधन चोरी, जबरन वसूली और टाइमशेयर धोखाधड़ी जैसे अपराधों में भी सक्रिय था।
दुस्साहसी हमलों के लिए कुख्यात
मेंचो ने मार गिराया था सेना का हेलीकॉप्टर
मेंचो क्रूरता के लिए कुख्यात था। उसका गिरोह विरोधियों को डराने के लिए सिर काटने जैसे जघन्य तरीके अपनाता था।
2015 में उसने खुद को पकड़ने आए एक सेना के हेलीकॉप्टर को रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से गिरवा दिया था।
इसी साल उसके गिरोह ने 6 हफ्तों के भीतर 2 दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी।
2020 में उसने मेक्सिको सिटी के तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर भी हमला करवाया था, लेकिन वे बच निकले।
कार्टेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती अभियान चलाया और ड्रोन व आईईडी जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया।
देशभर में हिंसा की लहर
ओसेगुएरा की मौत के बाद कार्टेल ने जवाबी हिंसा शुरू कर दी। 20 राज्यों में वाहनों को आग लगाकर सड़कों को जाम किया गया।
जालिस्को की राजधानी Guadalajara में लोग घरों में कैद हो गए और कई राज्यों में स्कूल बंद रहे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन और उसके बाद की हिंसा में कम से कम 73 लोगों की मौत हुई है।
अमेरिका–मेक्सिको संबंधों पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का प्रशासन मेक्सिको पर कार्टेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दबाव बना रहा था।
दोनों देशों के बीच खुफिया सहयोग से यह ऑपरेशन संभव हुआ। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने इस अभियान की सराहना की।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मेक्सिको सरकार को अमेरिका के साथ अपने संबंध मजबूत करने में मदद कर सकता है, खासकर उस स्थिति में जब अमेरिका टैरिफ या एकतरफा सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहा था।
क्या कार्टेल कमजोर पड़ेगा?
अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन प्रशासन के अनुसार, CJNG की मौजूदगी मेक्सिको के 32 में से कम से कम 21 राज्यों में है और यह अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘एल मेनचो’ के निधन से सत्ता का शून्य पैदा हो गया है। यदि उसका कोई करीबी रिश्तेदार नेतृत्व संभालता है, तो हिंसा और बढ़ सकती है।
वहीं, प्रतिद्वंद्वी Sinaloa Cartel भी आंतरिक संघर्ष से गुजर रहा है, जो कभी Joaquín “El Chapo” Guzmán के नेतृत्व में दुनिया का सबसे शक्तिशाली ड्रग नेटवर्क था।
विश्लेषकों को आशंका है कि अगर सत्ता संघर्ष बढ़ा, तो मेक्सिको में 1990 के दशक के कोलंबिया जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें कार बम विस्फोट, सरकारी अधिकारियों की हत्या और बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले शामिल थे।
एल मेनचो’ की मौत निश्चित रूप से मेक्सिको सरकार के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत है, लेकिन यह ड्रग युद्ध का अंत नहीं है।
सबसे बड़ा सवाल यह है,
क्या यह कार्रवाई कार्टेल नेटवर्क को स्थायी रूप से कमजोर करेगी, या फिर एक और खूनी सत्ता संघर्ष को जन्म देगी?
मेक्सिको और अमेरिका के लिए यह एक निर्णायक क्षण है, जहां संयुक्त कार्रवाई से संगठित अपराध के खिलाफ स्थायी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।