
मुंबई । पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इज़राइल-अमेरिका संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। भारत सरकार ने लगातार तीसरे दिन (शुक्रवार को) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अन्य विभागों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति स्पष्ट की।
पेट्रोल-डीजल की स्थिति:
देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
भारत की रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन है, सभी रिफाइनरियां 100%+ क्षमता पर चल रही हैं।
कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सप्लाई निर्बाध जारी है।
भारत अब क्रूड आयात को विविधीकृत कर चुका है, लगभग 70% आयात होर्मुज रूट से बाहर से आ रहा है।
क्रूड $180/बैरल पार नहीं होने तक कोई मूल्य वृद्धि नहीं होगी।
LPG (रसोई गैस) की स्थिति कुछ चिंता का विषय लेकिन नियंत्रण में:
LPG भारत की सबसे महत्वपूर्ण घरेलू आवश्यकता है (33 करोड़+ घरेलू कनेक्शन)।
सामान्य स्थिति में: लगभग 40% घरेलू उत्पादन (विभिन्न राज्यों की रिफाइनरियों से), 60% आयात (मुख्यतः गल्फ देशों से)।
आयात का 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है, जो वर्तमान में प्रभावित है।
कतर और UAE से कुल खपत का करीब 55-60% (कतर ~29-34%, UAE ~26%) आयात होता था, जो फिलहाल ब्लॉक/प्रभावित है।
लेकिन: घरेलू उत्पादन बढ़ाकर 25-28% तक बढ़ाया गया है (रिफाइनरियों को अधिकतम LPG उत्पादन के आदेश, C3-C4 स्ट्रीम्स को घरेलू उपयोग के लिए डायवर्ट)।
कुल मिलाकर 75%+ सप्लाई अभी भी यथावत/सुरक्षित है (घरेलू + वैकल्पिक स्रोतों से)।
कोई डीलर पर गैस खत्म (ड्राई आउट) की रिपोर्ट नहीं आई है (25,000+ LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स में से कोई नहीं)।
घरेलू उपयोग को प्राथमिकता; कमर्शियल (होटल, रेस्टोरेंट, उद्योग) को सप्लाई स्लो/रोकी गई है।
वैकल्पिक: अतिरिक्त 48,000 KL केरोसिन राज्यों को आवंटित, कोल इंडिया से कोयला उपलब्ध, PNG/CNG घरेलू/प्राथमिक क्षेत्रों में बिना कटौती जारी।
पैनिक बुकिंग और बढ़ोतरी का कारण:
जंग से पहले: औसतन 55.7 लाख सिलेंडर बुकिंग/दिन।
अब: 75.7 लाख तक पहुंची (लगभग 20 लाख की बढ़ोतरी) मुख्यतः अफवाहों और घबराहट से।
पैनिक होर्डिंग से आर्टिफिशियल शॉर्टेज क्रिएट होती है, जबकि वास्तविक सप्लाई पर्याप्त है।
सरकार के प्रबंधन उपाय:
बुकिंग गैप 21 से बढ़ाकर 25 दिन किया गया, ताकि स्टॉकिंग रुके और जरूरतमंदों को मिले।
बुकिंग के 3 दिन के अंदर डिलीवरी का आश्वासन।
Essential Commodities Act के तहत रिफाइनरियों को अधिकतम उत्पादन और घरेलू प्राथमिकता के आदेश (9 मार्च 2026 नेचुरल गैस ऑर्डर)।
आयात विविधीकरण: अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया, रूस से अतिरिक्त खरीद।
लोगों से अपील: पैनिक न करें, अफवाहें न फैलाएं, भीड़ न लगाएं।
सरकारी चेतावनी:
एजेंसियों पर भीड़ लगाना या पैनिक क्रिएट करना अराजकता फैलाने जैसा है – कानूनी कार्रवाई (पुलिस प्रावधान) हो सकती है।
“सिलेंडर रेट बढ़ा दिया” जैसे कमेंट गलत हैं – रेट बढ़ाने का नियम क्रूड $180/बैरल पार होने पर ही, अभी नहीं।
सरकार ने स्थिति को अच्छी तरह मैनेज किया है – आम जनता को सहयोग करना चाहिए।
सुजाता शर्मा (जॉइंट सेक्रेटरी, मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी), पेट्रोलियम मंत्रालय का मुख्य संदेश:
“घबराने की कोई जरूरत नहीं। LPG चिंता का विषय है क्योंकि अधिकांश आयात होर्मुज से आता है, लेकिन हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है, उत्पादन बढ़ाया गया है, और घरेलू सप्लाई प्राथमिकता पर है। पैनिक बुकिंग से बचें, सहयोग करें मुश्किल वक्त सबके लिए है।”
एआईजे के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन ने कहा है कि “यह वैश्विक संकट है, भारत का दोष नहीं। सरकार सतर्क है, तैयार है, और घरेलू उपभोक्ताओं की रक्षा कर रही है। अफवाहों से बचें, व्यवस्था में सहयोग करें। LPG की कमी नहीं है और नहीं होगी।”
