
मुंबई । महाराष्ट्र के हालिया नगर निगम चुनावों में बीजेपी और महायुति गठबंधन ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 29 निगमों में से बीजेपी ने 17 पर कब्जा जमाया, जबकि गठबंधन ने कुल 25 निगम जीते। मुंबई की बीएमसी (227 सीटें) में बीजेपी को 89 सीटें मिलीं, जो बहुमत (114) से महज 25 दूर है। यह जीत महायुति की मजबूती दिखाती है, लेकिन मेयर पद को लेकर अब सस्पेंस बढ़ गया है।शिवसेना (शिंदे) का ताज होटल कदम चुनाव परिणाम के एक दिन बाद (17 जनवरी 2026) शिवसेना (शिंदे) ने अपने सभी 29 पार्षदों को ताज होटल शिफ्ट कर दिया। इसे रणनीतिक कदम माना जा रहा है, ताकि पार्षदों को विपक्षी खरीद प्रयासों से बचाया जा सके। खासकर बीएमसी मेयर पद के लिए ये पार्षद निर्णायक साबित हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि यह कवायद भाजपा के साथ गठजोड़ मजबूत करने की दिशा में है।डिप्टी सीएम की नाराजगी और कैबिनेट बहिष्कार परिणाम उम्मीद से कमजोर रहने पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (शिवसेना) और अजित पवार (एनसीपी) भाजपा से नाखुश हैं। शनिवार (17 जनवरी 2026) की कैबिनेट बैठक में दोनों अनुपस्थित रहे। इस पर शिवसेना ने शिंदे की बीमारी का हवाला दिया। यह असंतोष गठबंधन की आंतरिक कलह को उजागर करता है। हालांकि, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मेयर का फैसला शिंदे, मैं और पार्टी नेता मिलकर लेंगे। कोई विवाद नहीं।”BMC मेयर चुनाव और अन्य निगमों की स्थिति नए चुने गए 227 पार्षदों की पहली बैठक आमतौर पर परिणाम घोषणा (16 जनवरी 2026) के 15-30 दिनों बाद होती है, जहां मेयर का चुनाव होता है। शिवसेना (शिंदे) नेता ने दावा किया कि महायुति का नया BMC मेयर 29 जनवरी 2026 को घोषित होगा। बीजेपी को मेयर बनाने के लिए 25 और पार्षद चाहिए, जो शिंदे गुट से मिल सकते हैं।
बता दे कि नागपुर में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला है जबकि पुणे में महायुति को मजबूत लीड मिली है और ठाणे में महायुति गठबंधन को जीत मिली है।
फडणवीस का बयान गठबंधन एकता का संकेत देता है, लेकिन डिप्टी सीएम की नाराजगी कैबिनेट विस्तार या अन्य डील्स पर असर डाल सकती है। महायुति की 25 निगमों पर पकड़ राज्य सरकार को और मजबूत करेगी।